शहडोल। आदिवासी बाहुल्य शहडोल जिले में खनन माफिया बेलगाम नजर आ रहे हैं। रेत का ठेका नहीं होने का फायदा उठाकर नदियों-नालों से धड़ल्ले से अवैध उत्खनन किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि माफिया कार्रवाई से बचने के लिए खनिज विभाग के दफ्तर के बाहर तक रेकी कर रहे हैं। हालांकि विभाग ने सख्ती दिखाते हुए एक साल में 222 प्रकरण दर्ज कर 70 लाख से ज्यादा जुर्माना वसूला है।
शहडोल जिले में रेत का ठेका नहीं होने से खनन माफिया बेलगाम हो गए हैं। हालत यह है कि जिले की नदियों और नालों से धड़ल्ले से अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण किया जा रहा है। इतना ही नहीं, खनन माफिया खनिज विभाग की कार्रवाई से बचने के लिए विभागीय गतिविधियों पर नजर रखने के लिए खनिज विभाग के कार्यालय के बाहर तक रेकी करते देखे जा रहे हैं। इसके बावजूद विभाग ने सख्ती दिखाते हुए लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई तेज कर दी है।खनिज विभाग द्वारा 1 अप्रैल 2025 से 15 मार्च 2026 तक चलाए गए अभियान के दौरान अवैध खनन के कुल 222 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में कार्रवाई करते हुए विभाग ने अब तक 70 लाख 27 हजार 162 रुपये का अर्थदंड वसूल कर शासन को राजस्व दिलाया है। इस अवधि में अवैध उत्खनन के 19 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 6 लाख 85 हजार 300 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। वहीं अवैध परिवहन के 192 प्रकरण सामने आए, जिनसे 6 लाख 57 हजार 722 रुपये की वसूली की गई। इसके अलावा अवैध भंडारण के 6 मामलों में 2 लाख 84 हजार 140 रुपये का अर्थदंड लगाया गया,अवैध खनन के खिलाफ खनिज विभाग की कार्यवाही जारी है।