BREAKING NEWS
SHOK SAMACHAR : नहीं रहे सत्यनारायण तोतला, परिवार में.. <<     NEWS : वरिष्ठ पार्षद भोलाराम प्रजापत को.. <<     BIG REPORT : मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता, शासकीय.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     REPORT : मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत.. <<     KHABAR : एक हाथ नहीं होने के बावजूद हौसला बुलंद,.. <<     KHABAR : मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का छठा.. <<     KHABAR : नवम राष्ट्रीय पोषण माह के तहत जिले में.. <<     KHABAR : पीएमएफएमई योजना से खरबूजा मगज प्रसंस्करण.. <<     KHABAR : संत श्री उषागंज अयोध्यापुरी धर्मशाला में.. <<     BIG NEWS : सीएम बोले-स्कूलों में पढ़ाएंगे शंकर.. <<     NMH-MDS HEADLINES : मंदसौर-नीमच की 9 बड़ी खबरें: बारिश,.. <<     VIDEO: #विधायक के खिलाफ #शाजापुर में भीम आर्मी का.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     PHONO: #तेंदुए _का आतंक या #वन _विभाग की अनदेखी? फिर.. <<     BIG REPORT : मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
March 21, 2026, 4:14 pm
KHABAR : इबादत, इतिहास की यादों कों समेटे छिंदवाड़ा की जामा मस्जिद, 110 साल पहले अली बंधुओं ने कराया था निर्माण, 1921 में महात्मा गांधी भी आए थे, पढे़ खबर 

Share On:-

छिंदवाड़ा। शहर के गोलगंज इलाके में स्थित 110 साल पुरानी और 4000 स्क्वायर फीट में बनी जामा मस्जिद आज भी आजादी के आंदोलन और सामाजिक एकता की मिसाल है।

उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी स्वतंत्रता सेनानी अली बंधुओं (शौकत अली और मोहम्मद अली) ने अपनी नजरबंदी के दौरान 1916 में लोगों को एकजुट करने के लिए टर्की की डिजाइन में इसका निर्माण कराया था, जहां ब्रिटिश शासन के खिलाफ गुप्त बैठकें होती थीं।

वर्तमान में यह मस्जिद जिले के मुस्लिम समाज का प्रमुख धार्मिक केंद्र है, हालांकि इसे ऐतिहासिक धरोहर का आधिकारिक दर्जा प्राप्त नहीं है।

शादाब अली के अनुसार, इस मस्जिद का निर्माण वर्ष 1916 में “अली बंधुओं” द्वारा कराया गया था। शौकत अली और मोहम्मद अली उत्तर प्रदेश के रामपुर के रहने वाले बड़े स्वतंत्रता सेनानी थे। वे लगातार आज़ादी की गतिविधियों में सक्रिय रहते थे, जिससे वे अंग्रेजों की नजर में खटकते थे। इसी वजह से उन्हें नजरबंद कर अपनी मां के साथ छिंदवाड़ा लाया गया था।

यहां उन्होंने समाज को एक मंच पर लाने के लिए जामा मस्जिद के निर्माण का निर्णय लिया। इसका उद्देश्य था कि यह जगह सिर्फ नमाज़ के लिए ही नहीं, बल्कि लोगों को जोड़ने का केंद्र भी बन सके।

इसके निर्माण में कुल कितना समय लगा, इसका अंदाजा नहीं है। यह जिले की एकमात्र मस्जिद है जो टर्की की मस्जिद की डिजाइन में बनी है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE