नीमच। शहर में आस्था, परंपरा और उत्साह के प्रतीक गणगौर पर्व के अंतर्गत आयोजित गणगौर मेला श्रद्धा और हर्षाेल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर ईशरजी-गणगौर माता की भव्य शोभायात्रा माहेश्वरी भवन से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई दशहरा मैदान पहुंची, जहां सायंकाल भव्य मेले का आयोजन किया गया।
शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सजी-धजी सिर पर गणगौर लेकर शामिल हुईं। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। ढोल-ढमाकों और पारंपरिक गीतों के साथ निकली शोभायात्रा ने वातावरण को भक्तिमय और उत्सवमय बना दिया।
दशहरा मैदान में शाम 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक गणगौर मेले का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने ईशरजी-गणगौर माता की पूजा-अर्चना कर भोग अर्पित किया तथा परंपरा अनुसार झाले दिए। मेले में महिलाओं और बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
मेला संयोजक नवीन गट्टानी ने बताया कि यह परंपरा लगभग 90 वर्षों से निरंतर चली आ रही है। यह आयोजन अग्रवाल समाज एवं माहेश्वरी समाज की महिलाओं द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है और हर वर्ष श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया जाता है।
पूरे आयोजन के दौरान सामाजिक एकता, संस्कृति और परंपरा की सुंदर झलक देखने को मिली। गणगौर मेले में बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे और आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।