मंदसौर। कलेक्टर एवं जिला सड़क सुरक्षा समिति की अध्यक्ष श्रीमती अदिति गर्ग की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा एवं पीएम राहत योजना की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के सभी नर्सिंग होम एवं निजी अस्पताल पीएम राहत योजना के अंतर्गत अनिवार्य रूप से पंजीयन कराएं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने तथा अपंजीकृत निजी अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम राहत पोर्टल का नियमित अवलोकन कर पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने पर जोर दिया।
बैठक में परिवहन विभाग को निर्देशित किया गया कि वाहन फिटनेस, बीमा और अन्य दस्तावेजों की जांच पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित रूप से की जाए तथा साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। बिना बीमा वाले वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। स्कूल वाहनों की जांच कर उनकी ‘ओके रिपोर्ट’ तैयार करने को कहा गया।
कलेक्टर ने नगरीय निकायों को पार्किंग स्थलों का चिन्हांकन कर उन्हें GIS पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए। वहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को उज्जैन-गरोठ मार्ग पर आवश्यक सुधार कार्य करने तथा 1 अप्रैल से टोल प्लाजा पर कैशलेस व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए।
सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एनएचएआई मार्गों पर एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजने को कहा गया। साथ ही ब्लैक स्पॉट्स पर एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने, खुले कुओं को जाली से ढंकने एवं उनकी जानकारी GIS पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए।
नल-जल योजना के अंतर्गत बिना अनुमति सड़कों की खुदाई करने वालों के खिलाफ नोटिस जारी कर वसूली की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त ट्रैक्टर-ट्रॉली पर रेट्रो रिफ्लेक्टर अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए गए।
एलईडी हेडलाइट के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ट्रैफिक पुलिस को रात्रिकालीन विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।