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April 13, 2026, 4:44 pm
KHABAR : उत्कृष्ट विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम बंद, गरीब बच्चों के सपनों पर विराम, दोबारा शुरू हो अंग्रेज़ी माध्यम की शिक्षा, पढे़ खबर 

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नीमच। मध्य प्रदेश शासन द्वारा निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किए गए उत्कृष्ट विद्यालय अब अपने मूल उद्देश्य से भटकते नजर आ रहे हैं। अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई बंद होने से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों के सपनों पर सीधा असर पड़ा है।


पूर्व पार्षद हारून रशीद कुरैशी ने इस मुद्दे को उठाते हुए बताया कि नीमच शहर में स्थापित उत्कृष्ट विद्यालय में शुरुआत में अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा दी जाती थी। लेकिन वर्ष 2011 से अंग्रेजी माध्यम में नए प्रवेश बंद कर दिए गए। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए अंग्रेजी माध्यम में पढ़ने का अवसर लगभग समाप्त हो गया है।


उन्होंने कहा कि आज के समय में अंग्रेजी शिक्षा केवल एक विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता बन चुकी है। ऐसे में सरकारी स्तर पर ही अंग्रेजी माध्यम बंद करना सामाजिक असमानता को बढ़ावा देने जैसा है। जहां सक्षम परिवार अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेज सकते हैं, वहीं गरीब और मजदूर वर्ग के बच्चों के सामने सीमित विकल्प ही रह जाते हैं।


कुरैशी ने यह भी आरोप लगाया कि एक ओर सरकार शिक्षा के बजट में कमी नहीं आने देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उत्कृष्ट विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम बंद कर निजी स्कूलों को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे शिक्षा का व्यवसायीकरण बढ़ रहा है और कमजोर वर्ग के बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित हो रहे हैं।


उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मांग की है कि नीमच जिले के उत्कृष्ट विद्यालय में पुनः पूर्ण रूप से अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई शुरू की जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को भी बेहतर और प्रतिस्पर्धी शिक्षा मिल सके।


यह मुद्दा केवल एक विद्यालय का नहीं, बल्कि उन हजारों बच्चों के भविष्य से जुड़ा है, जिनके सपने संसाधनों की कमी के कारण अधूरे रह जाते हैं।

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