चित्तौड़गढ़। बड़ीसादड़ी थाना पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कार से 1 किलो 215 ग्राम अवैध अफीम बरामद कर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त मारुति स्विफ्ट कार भी जब्त कर ली है। गिरफ्तार आरोपियों में दो आरोपी विभिन्न एनडीपीएस मामलों में पैरोल से फरार चल रहे थे, जबकि तीसरे आरोपी के विरुद्ध भी एनडीपीएस एक्ट एवं वाहन चोरी के कई मामले दर्ज हैं।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के विशेष अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह जोधा एवं वृत्ताधिकारी बड़ीसादड़ी हरिश्चंद्र सिंह के सुपरविजन में 30 जुलाई को थाना प्रभारी उपनिरीक्षक बाबूलाल पुलिस टीम के साथ सरथला तिराहे पर नाकाबंदी कर रहे थे।
इसी दौरान निकुंभ की ओर से आ रही एक मारुति स्विफ्ट कार को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर चालक कार को सरथला गांव की ओर मोड़कर भागने लगा, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सरकारी वाहन आगे लगाकर कार को रोक लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान जोगाराम पुत्र हीराराम कलवानिया (32), निवासी बाड़मेर, हीराराम पुत्र सताराम जाणी (29), निवासी बाड़मेर तथा कुम्भाराम पुत्र रूपाराम भांबू (32), निवासी बाड़मेर के रूप में बताई। नियमानुसार तलाशी लेने पर कार की डिक्की में बनाए गए गुप्त खाने (कैविटी) से 1 किलो 215 ग्राम अवैध अफीम बरामद हुई। पुलिस ने अफीम एवं कार जब्त कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड-
पुलिस जांच में सामने आया कि कुम्भाराम बाड़मेर ग्रामीण थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एवं आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं और वह दो एनडीपीएस प्रकरणों में पैरोल पर रिहा होने के बाद से फरार था।
हीराराम के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट एवं आबकारी अधिनियम के चार मामले दर्ज हैं। वह नीमच (मध्यप्रदेश) के रतनगढ़ थाना क्षेत्र के एक एनडीपीएस मामले में पैरोल पर रिहा होने के बाद से फरार चल रहा था।
वहीं जोगाराम के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तीन तथा वाहन चोरी का एक प्रकरण दर्ज है।
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से अफीम तस्करी के नेटवर्क, खरीद-फरोख्त और अन्य सहयोगियों के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है। मामले में अनुसंधान जारी है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका-
कार्रवाई में उपनिरीक्षक बाबूलाल, सहायक उपनिरीक्षक जगदीश चंद्र तथा कांस्टेबल राकेश कुमार, दिनेश कुमार, प्रेमाराम, श्रवण, बाबूलाल एवं रामूराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।