नीमच। परमात्मा द्वारा प्रदत्त इस मानव तन का उपयोग यदि राष्ट्र और सनातन धर्म की सेवा में किया जाए तो जीवन सफल हो जाता है। ये प्रेरक विचार अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के युवा एवं विद्वान संत श्री चेतनराम जी (उदयपुर) ने यहां आयोजित 82वें सामूहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ एवं सत्संग में व्यक्त किए।
संत श्री ने कहा कि यदि हम राष्ट्र, समाज और परिवार की सेवा करते हैं, तो वह भगवान श्रीराम की सेवा के समान है। हमें प्रतिदिन आत्ममंथन करना चाहिए कि हमने राष्ट्र और समाज के लिए क्या योगदान दिया। उन्होंने नगर में निरंतर जारी श्रीहनुमान चालीसा पाठ की सराहना करते हुए कहा कि यह पावन धारा भगवान श्रीहनुमान जी की कृपा से जनकल्याण हेतु सतत प्रवाहित हो रही है। साथ ही उन्होंने अधिक से अधिक संख्या में परिवार सहित सत्संग में भाग लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में संत श्री संतराम जी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सत्संग का शुभारंभ लाभार्थी मंत्री परिवार के रामजीलाल मंत्री, रामप्रकाश मंत्री, रामपाल मंत्री, कैलाश मंत्री, दीपक मंत्री, अनिल मंत्री एवं मनीष मंत्री द्वारा भगवान श्रीहनुमान जी एवं रामस्नेही संप्रदाय के आद्य आचार्य स्वामी श्री रामचरण जी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक अनिरुद्ध माधव मारू, नगर परिषद अध्यक्ष सीमा तिवारी, प्रद्युम्न मारू, पुष्कर झंवर, सूरजमल मानावत, अशोक गुलाटी, सत्यनारायण सारड़ा, कैलाश मालपानी, प्रहलाद बसेर सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने संतजनों का पुष्पहार से स्वागत किया। मंत्री परिवार द्वारा भगवान को छप्पन भोग भी अर्पित किया गया।
सत्संग में राजकुमार मारू, निरंजन पाराशर, सत्यनारायण सोनी, कमल विजयवर्गीय, गोपाल राठौर, अरुण झंवर, ओम सोनी एवं विजय उपाध्याय ने भजनों के माध्यम से ईश्वर का गुणगान किया।
अंत में सनातन सत्संग मंडल ने सफल आयोजन हेतु मंत्री परिवार एवं उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया तथा आगामी 83वें श्रीहनुमान चालीसा पाठ के लिए 21 अप्रैल, मंगलवार रात्रि 8.30 बजे पार्थ कॉलोनी, सांदिया रोड पर सपरिवार अधिक से अधिक संख्या में पधारने का आग्रह किया।