उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण को लेकर विरोध तेज हो गया है। चौबीस खंबा माता मंदिर से छोटा रूद्रसागर (हरसिद्धि की पाल) तक प्रस्तावित 60 फीट सड़क के खिलाफ स्थानीय व्यापारी और रहवासी खुलकर सामने आ गए हैं।
शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग कोठी स्थित संकुल भवन में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सड़क की चौड़ाई 60 फीट से घटाकर 45 फीट करने की मांग की।
विकास चाहिए, लेकिन विनाश नहीं
लोगों का कहना है कि वे सिंहस्थ 2028 और शहर के विकास कार्यों के विरोध में नहीं हैं, लेकिन इसके नाम पर आजीविका और ऐतिहासिक धरोहरों को नुकसान स्वीकार नहीं किया जाएगा।
व्यापारी प्रतिनिधि फूलचंद जरिया ने बताया कि प्रस्तावित मार्ग पर कई प्राचीन मंदिर, ऐतिहासिक भवन और पारंपरिक संरचनाएं मौजूद हैं, जो उज्जैन की सांस्कृतिक पहचान हैं। इन धरोहरों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
स्थानीय लोगों के अनुसार इस मार्ग पर 350 से अधिक मकान हैं, जिनमें करीब 70ः व्यावसायिक और 30 प्रतिशत आवासीय हैं। यहां संचालित होटल, रेस्टोरेंट, भोजनालय और लॉज हजारों लोगों की रोजी-रोटी का आधार है।
व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 60 फीट चौड़ीकरण लागू किया गया तो बड़ी संख्या में दुकानें और मकान टूटेंगे, जिससे भारी आर्थिक नुकसान होगा।
ट्रैफिक समाधान का दिया विकल्प
रहवासियों ने प्रशासन को सुझाव दिया है कि इस मार्ग पर वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए, जिससे कम चौड़ाई में भी यातायात सुचारू रूप से संचालित किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी तर्क दिया कि इस मार्ग से न तो पेशवाई निकलती है और न ही महाकालेश्वर मंदिर की सवारी गुजरती है। वहीं, हरसिद्धि मंदिर क्षेत्र पहले से ही नो-व्हीकल जोन है, ऐसे में अतिरिक्त चौड़ीकरण की आवश्यकता नहीं है।