चित्तौड़गढ़। आईजीपी रेंज उदयपुर के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विभिन्न मामलों में जब्त अवैध मादक पदार्थों का नष्टीकरण किया। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी की उपस्थिति में निंबाहेड़ा स्थित वंडर सीमेंट प्लांट की कीलन में करीब 199 क्विंटल से अधिक डोडा चूरा, गांजा सहित अन्य नशीले पदार्थों को जलाकर नष्ट किया गया।
पुलिस के अनुसार जिले के 22 पुलिस थानों में दर्ज कुल 102 प्रकरणों में जब्त मादक पदार्थों का न्यायालयीन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद नष्टीकरण किया गया। इनमें 84 प्रकरणों में 193 क्विंटल 86 किलोग्राम डोडा चूरा, 8 प्रकरणों में 556 किलो 733 ग्राम गांजा, एक प्रकरण में 6 किलो 920 ग्राम गीले डोडे, एक प्रकरण में 63 ग्राम चरस, एक प्रकरण में 39 ग्राम स्मैक तथा 7 प्रकरणों में 5 किलो 646 ग्राम एमडीएमए शामिल है।
मालखानों पर कम होगा दबाव-
पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि थानों के मालखानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त सामग्री के अधिक संग्रहण से स्थान की समस्या उत्पन्न हो रही थी। ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत मादक पदार्थों के विधिवत निस्तारण से थानों को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी।
पारदर्शी प्रक्रिया में हुआ नष्टीकरण-
पूरी कार्रवाई जिला औषधि व्ययन समिति की देखरेख में की गई। नष्टीकरण से पहले सभी जब्त सामग्री का रिकॉर्ड मिलान और वजन किया गया। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी प्रक्रिया की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी भी कराई गई।
इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह, डीवाईएसपी अंजलि सिंह, बद्रीलाल, विनोद कुमार, पुलिस निरीक्षक जोधाराम, थानाधिकारी संजय शर्मा सहित 22 थानों के प्रभारी, मालखाना प्रभारी एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। वंडर सीमेंट प्रबंधन के अधिकारियों की मौजूदगी में यह कार्रवाई संपन्न हुई।