नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
कलेक्टर चंद्रा ने निर्देश दिए कि जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में स्वास्थ्य सेवाएं नियमित एवं सुचारू रूप से उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि अत्यावश्यक स्थिति में ही मरीजों को उच्च संस्था के लिए रेफर किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि मरीजों को प्राथमिक स्तर पर ही उचित उपचार मिल सके।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश प्रसाद, सिविल सर्जन डॉ. महेन्द्र पाटिल सहित सभी सेक्टर मेडिकल ऑफिसर एवं सुपरवाइजर उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न पैरामीटर्स पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले सेक्टर सुपरवाइजर एवं सेक्टर मेडिकल ऑफिसरों को कलेक्टर द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कलेक्टर ने सभी स्वास्थ्य अमले को निर्देश दिए कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में सभी स्वास्थ्य संकेतकों पर बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की पहचान, जांच एवं उपचार व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी उच्च जोखिम गर्भवती महिला स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित नहीं रहे। साथ ही जिन सेक्टरों में अपेक्षित प्रगति नहीं है, वहां संबंधित सीएचओ एवं सेक्टर सुपरवाइजर के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि सभी लाभार्थियों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी नियमित रूप से पोर्टल पर दर्ज की जाए।
बैठक में आरबीएसके टीम द्वारा जन्मजात विकृति वाले बच्चों की स्क्रीनिंग एवं सर्जरी के कार्य की सराहना की गई। इसके साथ ही आयुष्मान भारत योजना, टीबी स्क्रीनिंग, परिवार कल्याण कार्यक्रम, अंधत्व निवारण, टीकाकरण एवं अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक सुधार एवं गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए।