उज्जैन। सिंहस्थ 2028 महापर्व की तैयारियां तेज हो गई हैं। शनिवार को संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने रामादल अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रामेश्वरदास महाराज के साथ वैष्णव अखाड़ों की पेशवाई मार्ग का निरीक्षण किया।
सिंहस्थ के दौरान वैष्णव अखाड़ों की पेशवाई खाक चौक से शुरू होकर रामघाट तक पहुंचती है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने श्री मंगलनाथ मंदिर मार्ग, निकास चौराहा, सतीगेट, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और कहारवाड़ी होते हुए पूरे मार्ग का जायजा लिया।
30 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान, वैकल्पिक मार्ग बनाने के निर्देश
सिंहस्थ 2028 को विश्वस्तरीय आयोजन बनाने की तैयारी है। अनुमान है कि इस महापर्व में देश-विदेश से 30 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन अभी से व्यवस्थाएं मजबूत कर रहा है। संभागायुक्त आशीष सिंह ने निर्देश दिए कि इस बार संभावित भारी भीड़ को देखते हुए पेशवाई के लिए वैकल्पिक मार्ग भी तय किया जाए। ताकि श्रद्धालुओं की अधिक संख्या होने पर क्राउड मैनेजमेंट में परेशानी न हो।
भीड़ प्रबंधन पर फोकस, मंगलनाथ क्षेत्र में लगेंगे शिविर
वैष्णव अखाड़ों के शिविर मंगलनाथ मंदिर क्षेत्र में लगाए जाएंगे। प्रमुख स्नान के दौरान संत-महंत पेशवाई के रूप में रामघाट पहुंचकर शिप्रा नदी में स्नान करेंगे।
महंत रामेश्वरदास महाराज ने भी पेशवाई के लिए वैकल्पिक मार्ग रखने का सुझाव दिया। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि प्रस्तावित वैकल्पिक मार्गों का निर्धारण जल्द किया जाएगा, जिससे भीड़ नियंत्रण और आवागमन सुचारु बना रहे।