रतलाम। कलेक्टर मिशा सिंह के निर्देशानुसार जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रीष्मकाल के दौरान पेयजल व्यवस्था सुचारू बनाए रखने एवं जल संबंधी समस्याओं के निराकरण हेतु लगातार जल चौपालों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड रतलाम के ग्राम इटावाखुर्द के मंदिर परिसर में जल चौपाल आयोजित की गई। इस अवसर पर एसडीएम रतलाम ग्रामीण विवेक सोनकर, जनपद पंचायत सीईओ सीएस वास्कले तथा पीएचई विभाग के सहायक यंत्री डीसी कथिरिया उपस्थित रहे।
चौपाल के दौरान ग्रामीणों से पेयजल व्यवस्था पर चर्चा की गई, जिसमें ग्रामीणों ने बताया कि गांव में शासकीय हैंडपंप एवं ट्यूबवेल के माध्यम से पेयजल की व्यवस्था की जा रही है।
एसडीएम सोनकर ने सुझाव दिया कि जनसहयोग से नदी गहरीकरण कर निकली मिट्टी का उपयोग खेतों तक पहुंच मार्ग निर्माण में किया जा सकता है।
जनपद सीईओ वास्कले ने जल गंगा संवर्धन अभियान सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। वहीं सहायक यंत्री कथिरिया ने जल गुणवत्ता पर चर्चा करते हुए पेयजल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत को जल गुणवत्ता जांचने हेतु फील्ड टेस्ट किट भी प्रदान की गई। सरपंच घनश्याम कुमावत ने कहा कि जल चौपाल के माध्यम से पहली बार ग्रामीण समस्याओं को गंभीरता से समझा गया है। कार्यक्रम में पीएचई विभाग के जिला सलाहकार आनंद व्यास सहित अन्य अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।