उज्जैन। नवीन आचार्य शिक्षण वर्ग के चतुर्थ दिवस पर आयोजित शिविर में ग्राम भारती शिक्षा समिति मालवा प्रांत के कोषाध्यक्ष धनसिंह धनगर ने पत्रकारों से संवाद किया।
उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिरों में केवल शैक्षणिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि नैतिक मूल्य, अनुशासन, सेवा भाव और सामाजिक समरसता पर भी विशेष बल दिया जाता है। प्रार्थना, योग, संस्कृत श्लोक, उत्सवों के सामूहिक आयोजन एवं सेवा गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्र और समाज के प्रति जागरूकता विकसित की जाती है।
धनसिंह धनगर ने बताया कि सरस्वती शिशु मंदिरों की सबसे बड़ी विशेषता स्थानीय समाज की सहभागिता है। विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, राष्ट्रीय पर्व, ग्राम विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक जागरण जैसे अभियान नियमित रूप से संचालित किए जाते हैं, जिससे विद्यालय समाज जीवन का सक्रिय केंद्र बनता है।