मंदसौर। जिले में बिजली कंपनी की कार्यप्रणाली के खिलाफ किसानों और ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। सोमवार को किसान नेता श्यामलाल जोकचंद और जिला पंचायत सदस्य दीपक सिंह गुर्जर के नेतृत्व में करीब 150 गांवों के किसान, ग्रामीण एवं उपभोक्ता अधीक्षण यंत्री कार्यालय पहुंचे और बिजली कंपनी का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने कंपनी पर अवैध वसूली, अघोषित बिजली कटौती, ओवरलोड ट्रांसफार्मर, जर्जर व्यवस्था और कर्मचारियों की कमी जैसे गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई तथा समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया।
जिला पंचायत सदस्य दीपक सिंह गुर्जर ने कहा कि जिले के 150 गांवों के लोग बिजली व्यवस्था से परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
किसान नेता श्यामलाल जोकचंद ने कहा कि वे पिछले एक माह में तीन बार घेराव कर चुके हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अब उग्र आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि उपभोक्ताओं से भारी राशि वसूली जा रही है, जबकि सुविधाएं पर्याप्त नहीं दी जा रही हैं। साथ ही समय पर बिल जमा न होने पर भारी प्रकरण दर्ज करने, बैंक खाते सीज करने और आमजन के प्रभावित होने के भी आरोप लगाए गए।
ग्रामीणों ने कहा कि कई क्षेत्रों में ओवरलोड ट्रांसफार्मर लगे होने से बार-बार बिजली कटौती और तकनीकी खराबी की स्थिति बन रही है। भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से आमजन, बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक परेशान हैं।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि लाइनमैन की कमी के कारण एक कर्मचारी पर कई गांवों की जिम्मेदारी है तथा आउटसोर्स कर्मचारियों से बिना सुरक्षा उपकरणों के कार्य कराया जा रहा है।
किसानों ने सिंचाई कनेक्शन में भी अनियमितताओं और भारी वसूली के आरोप लगाए। साथ ही मांग की गई कि अघोषित बिजली कटौती रोकी जाए, ओवरलोड क्षेत्रों में उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए जाएं, 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, लाइनमैन की भर्ती की जाए तथा आउटसोर्स कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि 7 दिनों में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने को बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी बिजली कंपनी एवं प्रशासन की होगी।