प्रतापगढ़। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय एवं जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के निर्देशानुसार जिले में “धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” के अंतर्गत चयनित 386 गांवों में स्थापित आदि सेवा केंद्रों पर 18 से 25 मई 2026 तक जनजातीय गरिमा उत्सव के दूसरे सप्ताह “जनभागीदारी- सबसे दूर, सबसे पहले” का आयोजन किया गया।
अभियान के तहत सभी 386 गांवों में लाभार्थी सैचुरेशन कैंप आयोजित किए गए, जिनमें लगभग डेढ़ लाख लोगों ने भाग लिया। इन कैंपों का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में अंतिम छोर तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना, आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना तथा विभागीय सेवाओं को गांव स्तर तक सुलभ बनाना रहा।
अभियान की नोडल प्रभारी उपायुक्त टीएडी नीता वसीटा ने बताया कि इन गतिविधियों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ा गया तथा स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया गया। जिला प्रशासन द्वारा अभियान को जनआंदोलन के रूप में संचालित करने के लिए सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई।
जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार सभी विभागों को निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए जानकारी पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए।
गांव स्तर पर प्रतिदिन सैचुरेशन कैंप एवं स्वास्थ्य जांच शिविरों का आयोजन किया गया। साथ ही पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया।
इसी क्रम में 21 से 23 मई तक ग्राम स्तर पर जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें आमजन की समस्याओं का समाधान किया गया तथा विभिन्न विभागों द्वारा लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण की कार्यवाही की गई।