नीमच। शहर में डाक बंगले के पीछे शनि मंदिर के समीप प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गाय और उसके गर्भस्थ बछड़े की समय पर उपचार मिलने से जान बच गई। गर्भ में बच्चा उल्टा होने के कारण गाय सामान्य रूप से प्रसव नहीं कर पा रही थी।
स्थानीय लोगों की सूचना पर पार्षद हरगोविंद दीवान ने पहल की। इसके बाद गौ सेवा दल के सदस्य मितेश अहीर भी मौके पर पहुंचे और पशु चिकित्सा विभाग को सूचना दी। पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक डॉ. आत्माराम धाकड़ के निर्देशन में चिकित्सकीय टीम मौके पर पहुंची।
टीम ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी कर गाय का सफल ऑपरेशन किया। इसके बाद गाय और उसके बछड़े की सुरक्षित डिलीवरी कराई गई।
इस सेवा कार्य में गौ सेवा दल के सदस्यों, पशु चिकित्सकों एवं स्थानीय नागरिकों का सहयोग रहा। समय पर उपचार मिलने से गाय और बछड़े दोनों की जान बच गई। इस घटना ने पशु सेवा, संवेदनशीलता और सामूहिक सहयोग का सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया।