खरगोन। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के विरोध में मुस्लिम समाज और संगठनों का विरोध जारी है। रविवार को शहर के अंजुमन नगर में चार जिलों के समाजजनो की सामूहिक बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौपा गया। ज्ञापन के बाद आयोजित सभा मे वक्ताओं ने कहा कि यूसीसी से उनके धार्मिक और व्यक्तिगत कानूनों (निकाब, वसीयत, तलाक आदि) पर असर पड़ेगा। यह कानून संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत मिले धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों के खिलाफ है, जो मौलिक अधिकारों का हनन है।
वक्ताओं ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 29 नागरिकों को अपनी संस्कृति और अधिकारों की रक्षा का आधार देता है। मुस्लिम समुदाय अपने व्यक्तिगत कानूनों के तहत मिलने वाले अधिकारों को बनाए रखने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। समाज ने कानून में एसटी, एससी को दी गई छूट पर ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि जब देश के लोगो के लिये यह समान बनाया जा रहा है तो एसटी, एससी को अलग क्यों रखा गया। मुस्लिम समाज ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कही न कही यह हुकूमत केवल मुस्लिम समाज की रीति, रिवाजो, परम्पराओ को नष्ट करने के लिये इस तरह का कानून ल रही है। यदि यह कानून लागू होता है तो युवा पीढ़ी भटक जाएगी। इस कानून से कही न कही हमे पाश्चात्य संस्कृति की ओर धकेलने का प्रयास है। हम ऐसे कानून को मान्यता नही देंगे। इस कानून को लेकर समाज सड़क पर उतरेगा ओर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएगा।