भोपाल। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) द्वारा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं समेत विभिन्न शुल्कों में की गई बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक जयवर्धन सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताते हुए प्रदेश सरकार से बढ़ाए गए शुल्क को तत्काल वापस लेने की मांग की है। राजनीति
शुल्क वृद्धि का ब्योरा
जयवर्धन सिंह ने बोर्ड द्वारा लागू की गई नई दरों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस फैसले से आम जनता पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। दरों में किए गए मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं। परीक्षा शुल्क: ₹1,200 से बढ़ाकर ₹1,500 किया गया। नामांकन शुल्क: ₹350 से बढ़ाकर ₹500 किया गया। अन्य शुल्क: परीक्षा केंद्र परिवर्तन और अंकसूची (Mark sheet) की प्रतिलिपि जारी करने जैसे कई अन्य प्रशासनिक शुल्कों में भी बढ़ोतरी की गई है।
‘शिक्षा वसूली का जरिया नहीं’
विरोध दर्ज कराते हुए जयवर्धन सिंह ने कहा कि शिक्षा राजस्व बढ़ाने या फीस वसूली का माध्यम नहीं होनी चाहिए। परीक्षा और नामांकन शुल्क में इजाफा करने के बजाय इसे न्यूनतम स्तर पर रखा जाना चाहिए, ताकि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों की पढ़ाई पर इसका बुरा असर न पड़े। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार, स्कूल शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा मंडल से इस आदेश को जनहित में तुरंत निरस्त करने की अपील की है। इस फैसले के बाद आने वाले दिनों में विभिन्न राजनीतिक और छात्र संगठनों द्वारा राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन के आसार जताए जा रहे हैं।