मनासा। “कौन कहता है कि आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों...” इन पंक्तियों को नीमच जिले की छोटी-सी तहसील मनासा के होनहार तरुण ग्वाला ने सच कर दिखाया है। पीएम श्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मनासा में खेल शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे तरुण ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षा में प्रदेश में 31वीं रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया है।
तरुण, पिता गोपालजी ग्वाला, जो सीआरपीएफ से सेवानिवृत्त होकर श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर में सेवाएं दे चुके हैं, का चयन उच्च शिक्षा विभाग में क्रीड़ा अधिकारी यानी स्पोर्ट्स ऑफिसर के राजपत्रित पद पर हुआ है। परिणाम सामने आते ही मनासा नगर में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने आतिशबाजी कर मिठाइयां बांटीं और तरुण को बधाइयां दीं।
संघर्ष और लगन से हासिल की सफलता
तरुण की यह उपलब्धि सामान्य सफलता नहीं है। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह मुकाम हासिल किया। बड़े कोचिंग संस्थानों और महानगरों से तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के बीच तरुण ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए छोटे शहरों के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
उपलब्धि पर एक नजर
पद: उच्च शिक्षा विभाग में क्रीड़ा अधिकारी
पद की श्रेणी: राजपत्रित अधिकारी
रैंक: MPPSC परीक्षा में प्रदेश में 31वीं
गौरव: मनासा और नीमच जिले का नाम प्रदेश स्तर पर रोशन किया
नगरवासियों ने जताया गर्व
तरुण ग्वाला की सफलता पर मनासा नगरवासियों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। उनके सहकर्मियों और स्थानीय नागरिकों ने कहा कि तरुण सर की यह उपलब्धि उन हजारों युवाओं के लिए मिसाल है, जो छोटे शहरों में रहकर बड़े सपने देखते हैं। उन्होंने साबित कर दिया कि सफलता के लिए बड़े शहर या महंगे कोचिंग संस्थान नहीं, बल्कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास जरूरी है।