चित्तौड़गढ़। प्रताप नगर स्थित ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र पर राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की 19वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और आध्यात्मिक भाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सेवा केंद्र संचालिका आशा दीदी ने दादी जी के जीवन, तपस्या और ईश्वरीय सेवाओं को याद करते हुए उनके व्यक्तित्व से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
आशा दीदी ने कहा कि दादी प्रकाशमणि जी दिव्यता की मूर्ति और महान तपस्वी थीं। बचपन से ही उनके व्यक्तित्व में आध्यात्मिक आभा दिखाई देती थी। उनकी अलौकिक शक्ति और सेवा भावना को पहचानते हुए प्रजापिता ब्रह्मा बाबा ने दादी प्रकाशमणि जी सहित अन्य माताओं और कुमारियों का संगठन तैयार कर उन्हें ईश्वरीय सेवा के लिए समर्पित किया।
दादी प्रकाशमणि जी ने ब्रह्माकुमारीज संस्था की स्थापना और विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के साथ ही मातृ स्नेह से सभी की पालना की और संस्था के प्रशासन को भी कुशलता से संभाला।
बताया गया कि प्रजापिता ब्रह्मा बाबा ने अपने देहावसान से पूर्व दादी प्रकाशमणि जी की निष्ठा, ईमानदारी, अदम्य साहस और विश्व कल्याण के प्रति समर्पण को देखते हुए संस्था की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी थी। इसके बाद दादी जी ने अपने जीवन के अंतिम क्षण तक अथक सेवा करते हुए सभी ब्रह्मावत्सों को एकता के सूत्र में बांधे रखा और उनकी विशेषताओं को संस्था की सेवा में लगाया।
पुण्यतिथि के अवसर पर शिवली दीदी सहित उपस्थित भाई-बहनों ने दादी प्रकाशमणि जी को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद दादी जी को भोग स्वीकार कराया गया और सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।