पिपलिया स्टेशन। यात्री ट्रेनों के ठहराव सहित पिपलिया स्टेशन पर विभिन्न रेल सुविधाओं के विस्तार और लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर मंगलवार को रेल सुविधा विस्तार समिति के बैनर तले क्षेत्रवासियों ने प्रदर्शन किया। समिति अध्यक्ष अनिल शर्मा व संरक्षक रमेश तेलकार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समिति पदाधिकारी एवं नागरिक स्टेशन पहुंचे। यहां मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) रतलाम के नाम स्टेशन अधीक्षक चंद्रशेखर गुर्जर को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान क्षेत्रवासियों ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द समस्याओं का समाधान करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने से पूर्व समिति पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक सुबह करीब 10.30 बजे स्टेशन स्थित बालाजी मंदिर पहुंचे। यहां हनुमानजी की पूजा-अर्चना की गई तथा रेलवे प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ किया गया। इसके बाद सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। समिति सदस्यों ने कहा कि लंबे समय से मांगें रखने के बावजूद रेलवे प्रशासन द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण अब आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। इसके बाद सभी लोग नारेबाजी करते हुए स्टेशन पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।
पिपलिया सैकड़ों गांवों के लिए प्रमुख रेल संपर्क केंद्र -
ज्ञापन का वाचन करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश भूत ने कहा कि पिपलिया स्टेशन तहसील मल्हारगढ़ सहित आसपास के सैकड़ों गांवों और कस्बों के लिए प्रमुख रेल संपर्क का माध्यम है। क्षेत्र कृषि प्रधान होने के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों का भी बड़ा केंद्र है। किसान अपनी उपज के परिवहन, व्यापारी व्यापारिक कार्यों, विद्यार्थी शिक्षा, श्रमिक एवं कर्मचारी रोजगार तथा दैनिक आवागमन के लिए रेल सेवा पर निर्भर हैं। इसके अलावा धार्मिक, सामाजिक एवं पारिवारिक कार्यों के लिए भी बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन पिपलिया स्टेशन से यात्रा करते हैं। उन्होंने कहा कि पिपलिया से प्रतिदिन उज्जैन, इंदौर, रतलाम, चित्तौड़गढ़, अजमेर, जयपुर, कोटा, दिल्ली सहित कई प्रमुख शहरों के लिए यात्री आवागमन करते हैं, लेकिन स्टेशन पर आवश्यक रेल सुविधाओं का अभाव होने से यात्रियों को लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है। कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से क्षेत्र की बड़ी आबादी को दूसरे स्टेशनों पर जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती है।
इन प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग-
समिति ने ज्ञापन में उज्जैन-चित्तौड़गढ़-उज्जैन (व्हाया फतेहाबाद) मेमू ट्रेन, काचीगुड़ा-भगत की कोठी एक्सप्रेस, जयपुर-हैदराबाद, बांद्रा-उदयपुर तथा इंदौर-बीकानेर साप्ताहिक ट्रेन का पिपलिया स्टेशन पर ठहराव देने की मांग की है। समिति का कहना है कि इन ट्रेनों का पिपलिया में ठहराव नहीं होने के कारण क्षेत्र के यात्रियों को इनका सीधा लाभ नहीं मिल पा रहा है। यात्रियों को चित्तौड़गढ़, नीमच, मंदसौर या अन्य स्टेशनों पर जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती है, जिससे अतिरिक्त समय व धन खर्च होता है। पूर्व में भी इन ट्रेनों के ठहराव की मांग की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। समिति ने सभी चिन्हित ट्रेनों का पिपलिया स्टेशन पर ठहराव शीघ्र स्वीकृत करने की मांग की।
मंदसौर-कोटा ट्रेन को दिल्ली तक बढ़ाने की मांग-
समिति ने मंदसौर-कोटा ट्रेन को दिल्ली तक विस्तारित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। समिति का कहना है कि रतलाम-चित्तौड़गढ़ रेलखंड से दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन की सुविधा नहीं होने के कारण क्षेत्र के यात्रियों को रतलाम या चित्तौड़गढ़ जाकर दिल्ली की ट्रेन पकड़नी पड़ती है। इससे यात्रियों का समय और पैसा दोनों अतिरिक्त खर्च होता है। यदि मंदसौर-कोटा ट्रेन को दिल्ली तक विस्तारित किया जाता है तो मंदसौर, मल्हारगढ़, पिपलिया सहित आसपास के क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिल सकता है।
रतलाम-ग्वालियर ट्रेन को नीमच तक बढ़ाने की मांग-
समिति ने रतलाम - ग्वालियर - रतलाम ट्रेन को नीमच तक बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि ट्रेन रतलाम में करीब पांच घंटे खड़ी रहती है। ऐसे में इस ट्रेन का विस्तार नीमच तक किए जाने से रेल संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और रतलाम से आगे के यात्रियों को भी सुविधा मिल सकेगी। समिति ने इस संबंध में रेलवे प्रशासन से सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
डेमू का समय पूर्ववत करने की मांग-
भीलवाड़ा-अंबेडकर नगर डेमू ट्रेन के समय में किए गए बदलाव को लेकर भी समिति ने आपत्ति जताई। समिति ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन का समय पूर्ववत करने की मांग की। सदस्यों का कहना है कि ट्रेन के वर्तमान समय से दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों एवं अन्य यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सामान्य यात्रियों से एक्सप्रेस किराया वसूलने पर जताई नाराजगी -
समिति ने सामान्य यात्री ट्रेनों में एक्सप्रेस श्रेणी का किराया वसूले जाने पर भी नाराजगी जताई। समिति के अनुसार वर्तमान में मात्र 10 किलोमीटर की दूरी के लिए भी यात्रियों को करीब 35 रुपए किराया देना पड़ रहा है। इससे रोजाना यात्रा करने वाले मजदूर, विद्यार्थी, किसान एवं सामान्य यात्रियों पर आर्थिक भार बढ़ रहा है। समिति ने मांग की कि सामान्य यात्री ट्रेनों में पूर्व की तरह सामान्य किराया व्यवस्था लागू की जाए, ताकि कम दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत मिल सके।
सीनियर सिटीजन रियायत पुनः बहाल करने की मांग-
ज्ञापन में वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली किराया रियायत सुविधा को पुनः बहाल करने की मांग भी की गई। समिति का कहना है कि रियायत बंद होने से बुजुर्ग यात्रियों को पूरा किराया देना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर एवं नियमित रूप से रेल यात्रा करने वाले वरिष्ठ नागरिकों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। रेलवे को बुजुर्ग यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्व की रियायत व्यवस्था पुनः शुरू करनी चाहिए।
पार्सल सुविधा शुरू करने की मांग-
समिति ने पिपलिया स्टेशन पर बंद पड़ी पार्सल बुकिंग सुविधा को पुनः शुरू करने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि कोरोना काल के दौरान स्टेशन पर पार्सल बुकिंग सुविधा बंद कर दी गई थी, लेकिन इसके बाद अब तक इसे दोबारा शुरू नहीं किया गया। पिपलिया क्षेत्र कृषि व व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र होने के कारण यहां पार्सल सुविधा की विशेष आवश्यकता है। पार्सल सुविधा बंद होने से किसानों, व्यापारियों एवं आमजन को माल भेजने और मंगवाने में परेशानी हो रही है। उन्हें दूसरे स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता है। समिति ने कहा कि पिपलिया स्टेशन पर पार्सल सुविधा शीघ्र बहाल की जाए, ताकि क्षेत्र के व्यापारियों और किसानों को इसका लाभ मिल सके।
प्लेटफार्म पर कोच इंडिकेशन नहीं होने से परेशानी-
प्लेटफार्म पर कोच इंडिकेशन बॉक्स नहीं होने की समस्या भी ज्ञापन में प्रमुखता से उठाई गई। समिति ने बताया कि आरक्षित टिकट लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को ट्रेन आने के बाद अपने कोच की तलाश में इधर-उधर दौड़ना पड़ता है। इससे विशेषकर बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और रात के समय यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी होती है। समिति ने कहा कि ट्रेन का ठहराव कम समय का होने की स्थिति में यात्री सही कोच तक समय पर नहीं पहुंच पाते। कई बार सामान लेकर यात्रियों को प्लेटफार्म पर दौड़ना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्लेटफार्म पर आधुनिक कोच इंडिकेशन व्यवस्था तत्काल लगाए जाने की मांग की गई।
यार्ड में सुलभ कॉम्प्लेक्स बनाने की मांग-
ज्ञापन में रेलवे यार्ड में यात्रियों के लिए सुलभ कॉम्प्लेक्स की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। समिति का कहना है कि स्टेशन पर आने वाले यात्रियों की संख्या को देखते हुए पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होना आवश्यक है। यात्रियों को स्वच्छ एवं सुविधाजनक शौचालय की सुविधा मिलनी चाहिए।
रेलवे की अनदेखी से बढ़ रही समस्याएं - तेलकार
समिति संरक्षक रमेश तेलकार ने कहा कि रेल सुविधा विस्तार समिति लंबे समय से पिपलिया स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के विस्तार और ट्रेनों के ठहराव की मांग करती आ रही है। रेलवे प्रशासन को कई बार ज्ञापन एवं मांग पत्र दिए गए, लेकिन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता लगातार रेलवे से सुविधाओं की मांग कर रही है, लेकिन अनदेखी के कारण लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। यदि जल्द ही ट्रेनों के ठहराव एवं अन्य समस्याओं को लेकर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो समिति आंदोलन को और व्यापक करेगी। इसके तहत नगर बंद, भूख हड़ताल सहित अन्य आंदोलनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।
जनप्रतिनिधियों का हवाला देकर जिम्मेदारी से न बचें - शर्मा-
समिति अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि रेलवे से जुड़ी मांगों को लेकर रेल प्रशासन को जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। रेलवे अधिकारी मांगों के समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि भी जनता के बीच से चुनकर आते हैं और लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वाेपरि है। पिपलिया एवं आसपास के क्षेत्र की जनता वर्षों से रेल सुविधाओं के विस्तार की मांग कर रही है। रेलवे प्रशासन को जनहित में इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर ठोस निर्णय लेना चाहिए।
समय रहते निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन तेज होगा-
समिति ने चेतावनी दी कि यदि रेलवे प्रशासन द्वारा इन मांगों पर समय रहते सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। समिति के अनुसार पिपलिया स्टेशन से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री यात्रा करते हैं और आसपास के हजारों लोगों की रेल सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं हैं। समिति ने डीआरएम से मांग की कि पिपलिया स्टेशन की समस्याओं का स्थायी समाधान करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं तथा यात्री ट्रेनों के ठहराव, किराया, पार्सल सुविधा, कोच इंडिकेशन, सुलभ कॉम्प्लेक्स एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में शीघ्र निर्णय लिया जाए। समिति का कहना है कि यदि रेलवे प्रशासन इन मांगों को स्वीकार करता है तो पिपलिया सहित आसपास के सैकड़ों गांवों के किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों, श्रमिकों, कर्मचारियों एवं सामान्य यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। इस दौरान समिति पदाधिकारी, सदस्य एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे
ये रहे उपस्थित-
इस अवसर पर रेल सुविधा विस्तार समिति के संरक्षक चोथमल गुप्ता, भूपेन्द्र महावर, भगवतीप्रसाद गेहलोत, अनिल बोराना, अशोक फरक्या, मुकेश निडर, मनोहर पालीवाल, राजेश भारती, हरिसिंह यादव, अजीत कुमठ, रामचन्द्र करुण, नेमीचंद डाका, सुरेन्द्रसिंह शक्तावत, बाबूलाल नागर, जसवंतसिंह सिसोदिया, जगदीश पोरवाल, रतनसिंह चौहान, लक्ष्मीनारायण गुर्जर, अशोक कोहली, दिनेश गुप्ता, भेरु पप्पू गुर्जर, गोपाल भारती, विनोद तंवर, ओमप्रकाश ररोतिया, अनिता खोखर, सुरेश जैन, विष्णु फरक्या, अनिल गुर्जर, जगदीश श्रीमाल, केसी टेलर, ओमप्रकाश नाई, राहुल पाटीदार, सोनू पंवार, धर्मेन्द्र गौड, श्यामलाल मालवीय, अशोक संघवी, नरेश सैनी, पदम जैन, राजू शर्मा, अनिल मुलासिया सहित बडी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।