देवास। मुखर्जी नगर अंडरब्रिज में तेज बारिश के बाद हुए जलभराव ने एक बार फिर जिम्मेदार विभागों की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। मंगलवार सुबह अंडरब्रिज में स्कूली बच्चों से भरी मैजिक पानी में फंसकर बंद हो गई। हालात इतने गंभीर हो गए कि कई घंटे तक मासूम बच्चे अपनी जान बचाने के लिए मैजिक की छत पर बैठे रहे।
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय पार्षद प्रतिनिधि राहुल पवार, पुलिस टीम और स्थानीय रहवासी मौके पर पहुंचे। पुलिस वाहन की मदद से मैजिक को पानी से बाहर खींचकर बच्चों को सुरक्षित निकाला गया। गनीमत रही कि समय रहते मदद पहुंच गई और एक बड़ा हादसा टल गया।
सिएसपी सुमित अग्रवाल ने बताया की मामले में पुलिस ने लापरवाही बरतने वाले मैजिक चालक को गिरफ्तार कर कार्रवाई शुरू कर दी है।वही स्कुल प्रबंधन को भी नोटिस जारी किया गया है
हालांकि अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस पूरे मामले में सिर्फ ड्राइवर की लापरवाही मानी जाएगी या स्कूल प्रबंधन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी भी तय होगी?
क्षेत्रीय पार्षद प्रतिनिधि ओर नेता प्रतिपक्ष राहुल पवार ने नगर निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम प्रशासन को अंडरब्रिज में जलभराव की समस्या को लेकर पहले भी सचेत किया गया था, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या नगर निगम प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है?
उन्होंने कहा कि आज एक बड़ा हादसा होते-होते बचा है। नगर निगम, प्रशासन और रेलवे विभाग को अब जागना पड़ेगा। बच्चों की जान जोखिम में डालने वाली इस तरह की लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि तेज बारिश के बाद अंडरब्रिज में जलभराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से समय रहते अलर्ट, बैरिकेडिंग या आवागमन रोकने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? यदि पहले से समस्या की जानकारी थी, तो फिर स्कूली बच्चों से भरे वाहन को ऐसे जोखिम वाले रास्ते से गुजरने से क्यों नहीं रोका गया?
यह घटना सिर्फ एक मैजिक के पानी में फंसने की नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा, स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी और नगर निगम-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है। अब देखना होगा कि जांच और कार्रवाई केवल चालक तक सीमित रहती है या स्कूल प्रबंधन, नगर निगम और रेलवे विभाग की जिम्मेदारी भी तय की जाती है।