मंदसौर/मल्हारगढ़। उज्जैन से मंदसौर जा रही बजरंग ट्रेवल्स की बस के चालक और कंडक्टर पर 16 वर्षीय नाबालिग को रास्ते में छोड़कर बस आगे ले जाने का आरोप लगा है। घटना के बाद नाबालिग की मां ने मामले की शिकायत मंदसौर पुलिस अधीक्षक से कर कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, ग्वालियर निवासी श्रेयांश गुप्ता (16) अपनी मां रितु गुप्ता के साथ नानी के निधन के बाद ग्वालियर से मल्हारगढ़ जा रहा था। ग्वालियर से उज्जैन पहुंचने के बाद दोनों ने बजरंग बस सर्विस की बस क्रमांक 2189 से मल्हारगढ़ के लिए यात्रा शुरू की।
बताया गया कि जावरा के पास बस रुकने पर श्रेयांश ने चालक और कंडक्टर को बाथरूम जाने की जानकारी दी। आरोप है कि श्रेयांश के बस से नीचे उतरने के बाद बस स्टाफ ने उसे वापस लिए बिना बस आगे बढ़ा दी।
मां को जब इसका पता चला तो उन्होंने चालक और कंडक्टर से बस रोकने की गुहार लगाई। आरोप है कि इस दौरान बस स्टाफ ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया। बेटे की सुरक्षा को लेकर परेशान मां ने बस रोकने की मांग करते हुए विरोध जताया। बाद में जावरा चौराहे के पास बस रोकी गई, जहां मां को सामान सहित उतरना पड़ा।
इधर, बाथरूम से लौटने पर श्रेयांश को बस मौके पर नहीं मिली। मां को भी वहां नहीं देखकर वह घबरा गया और कुछ समय तक जावरा में परेशान हालत में इधर-उधर भटकता रहा। घटना से नाबालिग और उसकी मां काफी परेशान हो गए।
परिजनों का आरोप है कि बस स्टाफ की लापरवाही के कारण नाबालिग की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती थी। मामले को लेकर मंदसौर एसपी से शिकायत कर बस चालक और कंडक्टर के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की गई है।