चित्तौड़गढ़। कृषि विभाग, राजस्थान सरकार की ओर से फसलों के मूल्य संवर्धन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देने तथा किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से दलहन एवं तिलहन प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। पात्र कृषक समूह, एफपीओ, सहकारी संस्थाएं एवं उद्यमी इन योजनाओं का लाभ ले सकते हैं।
दलहन प्रसंस्करण इकाई पर 25 लाख तक अनुदान-
दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत दलहनी फसलों के प्रसंस्करण, ग्रेडिंग एवं पैकेजिंग के लिए इकाइयां स्थापित की जा सकती हैं। योजना में प्लांट, मशीनरी तथा शेड/गोदाम निर्माण सहित परियोजना लागत का 33 प्रतिशत या अधिकतम 25 लाख रुपये, जो भी कम हो, अनुदान देय है।
इसके लिए एफपीओ, क्लस्टर लेवल फेडरेशन, प्राथमिक कृषि सहकारी ऋण समितियां, पंजीकृत फर्म एवं 21 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तिगत आवेदक पात्र हैं। नई इकाई की न्यूनतम क्षमता 300 किलोग्राम प्रति घंटा होना आवश्यक है। योजना का लाभ लेने के लिए बैंक ऋण अनिवार्य है तथा आवेदक को परियोजना लागत का न्यूनतम 15 प्रतिशत एवं कार्यशील पूंजी की मार्जिन मनी की व्यवस्था करनी होगी।
तेल प्रसंस्करण इकाई पर 9.90 लाख तक अनुदान-
नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-तिलहन के तहत तेल निष्कर्षण एवं प्रसंस्करण इकाइयों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना में मशीनरी एवं उपकरणों की लागत का 33 प्रतिशत या अधिकतम 9.90 लाख रुपये प्रति इकाई अनुदान देय है। 10 टन प्रतिदिन से कम क्षमता वाली इकाइयों के लिए अनुदान प्रो-रेट आधार पर मिलेगा।
सहकारी समितियां, पंजीकृत स्टार्टअप, सार्वजनिक एवं निजी उद्योग तथा व्यक्तिगत किसान/उद्यमी योजना के लिए पात्र हैं। इसमें अनुदान केवल प्लांट एवं मशीनरी पर देय होगा। भूमि एवं भवन निर्माण की लागत शामिल नहीं होगी।
एफपीओ और सहकारी संस्थाओं को प्राथमिकता-
इच्छुक पात्र व्यक्ति एवं संस्थाएं निर्धारित ऑफलाइन प्रारूप में आवेदन/प्रस्ताव संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), जिला परिषद, चित्तौड़गढ़ के कार्यालय में जमा करा सकते हैं। आवेदनों की तकनीकी एवं वित्तीय समीक्षा जिला संचालन समिति/जिला कार्यकारी समिति द्वारा की जाएगी।
योजना में एफपीओ एवं सहकारी संस्थाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होने पर ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), जिला परिषद चित्तौड़गढ़ डॉ. शंकरलाल जाट ने पात्र एफपीओ, सहकारी समितियों, युवा उद्यमियों एवं किसानों से निर्धारित समय-सीमा में आवेदन कर योजना का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रसंस्करण इकाइयों से स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन, रोजगार के अवसर और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। योजना की विस्तृत जानकारी एवं आवेदन प्रारूप के लिए जिला परिषद स्थित कृषि विभाग के कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।