चित्तौड़गढ़। ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने पुलिस अधिकारियों को बांधा ईश्वरीय रक्षा सूत्र, श्रेष्ठ संस्कारों की रक्षा का दिलाया संकल्प। जिला पुलिस लाइन में आध्यात्मिक रक्षाबंधन पर्व का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, प्रताप नगर सेवा केंद्र की ओर से पुलिस अधिकारियों एवं भाइयों को ईश्वरीय रक्षा सूत्र बांधा गया।
सेवा केंद्र संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सच्ची राखी केवल बाहरी रक्षा का प्रतीक नहीं, बल्कि स्वयं के श्रेष्ठ संस्कारों और आध्यात्मिक स्थिति की रक्षा करने का संकल्प है। उन्होंने पांच प्रकार की आत्मरक्षा के संकल्प बताए। उन्होंने कहा कि पहली रक्षा स्वयं को क्रोध से करनी है, दूसरी व्यर्थ विचारों से, तीसरी अपनी वाणी की मधुरता की, चौथी संबंधों की पवित्रता की और पांचवीं अपनी आध्यात्मिक स्थिति की रक्षा करनी है।
उन्होंने कहा कि स्वयं की रक्षा के लिए परमात्मा की याद में मन को एकाग्र करना आवश्यक है। इसके साथ ही प्रत्येक व्यक्ति को यह श्रेष्ठ संकल्प लेना चाहिए कि वह अपने अच्छे संस्कारों, सकारात्मक सोच और पवित्र भावनाओं की सदैव रक्षा करेगा।
ब्रह्माकुमारी शिवली दीदी ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों एवं भाइयों को संकल्प दिलाते हुए कहा कि हमें केवल स्वयं की रक्षा तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि पूरे विश्व की रक्षा के लिए भी सकारात्मक संकल्प और श्रेष्ठ कर्म करने हैं। उन्होंने कहा कि परमात्मा की याद और उनकी ब्लेसिंग्स से स्वयं की रक्षा करना ही सच्चे अर्थों में राखी बांधना है।
कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारी अनीता दीदी ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की गतिविधियों एवं आध्यात्मिक सेवाओं का परिचय दिया। उन्होंने संस्था द्वारा समाज में किए जा रहे सकारात्मक एवं आध्यात्मिक कार्यों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में सभी पुलिस अधिकारियों एवं भाइयों को ईश्वरीय रक्षा सूत्र बांधा गया तथा श्रेष्ठ संस्कारों, पवित्रता, सकारात्मक विचारों और आध्यात्मिक जीवन की रक्षा करने का संकल्प कराया गया। आध्यात्मिक संदेश से ओतप्रोत इस आयोजन ने रक्षाबंधन पर्व को आत्मिक उन्नति और विश्व कल्याण के संकल्प से जोड़ दिया।