मनासा। विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) मनासा, जिला नीमच, दिनेश कुमार प्रजापति ने घर में वैध लाइसेंस की सीमा से अतिरिक्त 25 किलो 850 ग्राम अवैध अफीम तस्करी के उद्देश्य से रखने के मामले में आरोपी मूलचंद पिता मोहनलाल मेघवाल (42), निवासी ग्राम खेड़ली, तहसील मनासा को दोषी ठहराते हुए 15 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
घर की तलाशी में मिली थी 25.850 किलो अफीम-
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एवं एडीपीओ रितेश कुमार सोमपुरा ने बताया कि 19 मार्च 2020 को कार्यालय उप नारकोटिक्स आयुक्त, नीमच में मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी मूलचंद ने वैध अफीम पट्टों से उत्पादित अफीम के अतिरिक्त करीब 20 से 30 किलो अवैध अफीम तस्करी के उद्देश्य से घर में छिपाकर रखी है।
सूचना पर निवारक दल ने ग्राम खेड़ली स्थित आरोपी के घर पहुंचकर तलाशी ली। तलाशी के दौरान घर में अफीम की चार बाल्टियां मिलीं, जिन्हें परिवार के सदस्यों के वैध अफीम लाइसेंस से उत्पादित होना पाया गया। इसके बाद उसी कमरे में पलंग के नीचे रखी तीन प्लास्टिक बाल्टियों से 11.700 किलो, 9.900 किलो और 4.250 किलो, कुल 25.850 किलो अफीम बरामद हुई। यह अफीम वैध लाइसेंस से उत्पादित अफीम के अतिरिक्त पाई गई।
अदालत ने सुनाई सजा-
अवैध अफीम बरामद होने पर आरोपी को गिरफ्तार कर मादक पदार्थ जब्त किया गया। आवश्यक अनुसंधान के बाद प्रकरण विशेष न्यायालय मनासा में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान सीबीएन के विशेष लोक अभियोजक सुशील ऐरन ने महत्वपूर्ण गवाहों के बयान कराते हुए अभियोजन पक्ष का मामला संदेह से परे प्रमाणित कराया और आरोपी को कठोर दंड दिए जाने का अनुरोध किया।
न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी मूलचंद मेघवाल को धारा 8/18(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत 15 वर्ष के सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक सुशील ऐरन ने की। सहयोग अधिवक्ता अरुण कुमार शर्मा एवं दीपशिखा रावल ने किया।