BREAKING NEWS
BIG NEWS : दीपावली पर नीमच की सड़कों पर बदलेगा पूरा.. <<     KHABAR : पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को विदेश में.. <<     NEWS : दीपावली पर चित्तौड़गढ़ में ट्रैफिक.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     KHABAR : कुम्हारों के लिए कलेक्टर हिमांशु चंद्रा.. <<     KHABAR : कांग्रेसी पहुंचे यूनिवर्सिटी, कुलपति कार.. <<     KHABAR : बड़वानी में करंट लगने से 41 वर्षीय युवक की.. <<     BIG NEWS : आकाशीय बिजली ने छीनी परिवार की खुशियां,.. <<     KHABAR : नीमच जिले को मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम.. <<     KHABAR : इस दीपावली मिट्टी के दीयों से रोशन होंगे.. <<     KHABAR : गांव में पहुंची आयुर्वेदिक चिकित्सा की.. <<     REPORT : नीमच में अवैध खनिज कारोबार पर कलेक्टर का.. <<     KHABAR : नीमच कलेक्ट्रेट में खाली थाली बजाकर किया.. <<     KHABAR : सुरक्षित बचपन अभियान के तहत विधिक.. <<     KHABAR : आप ईसाई धर्म अपना लो, सारे कष्ट दूर हो.. <<     KHABAR : खाद्य पदार्थों में मिलावट के विरुद्ध.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
August 29, 2026, 4:36 pm
KHABAR : 14 दिन से बारिश नहीं हुई, सोयाबीन पर पड़ेगा असर, धार में पानी का संकट, किसानों के लिए चिंता की बात, उत्पादन पर पड़ेगा असर, पढे़ खबर 

Share On:-

धार। शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले 14 दिनों से बारिश नहीं हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में नमी कम होने लगी है और किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। बारिश के अभाव में जलस्रोतों पर भी असर दिख रहा है। कई तालाबों में पानी की आवक नहीं हुई है, जिससे वे खाली पड़े हैं।


छोटे जलस्रोत और तलाई भी सूखने की कगार पर हैं। इसके साथ ही, तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।


किसानों के अनुसार, फिलहाल सोयाबीन की फसल की स्थिति ठीक है, लेकिन यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो फसल प्रभावित हो सकती है। सोयाबीन के लिए पर्याप्त नमी आवश्यक है, और बारिश का लंबा अंतराल उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।


किसानों की चिंता केवल सोयाबीन तक सीमित नहीं है। आने वाले रबी सीजन में गेहूं और चने की बुवाई के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता जरूरी होगी। यदि बारिश का दौर नहीं आया, तो इन फसलों की सिंचाई और जल आपूर्ति में समस्या आ सकती है।


ग्रामीणों का कहना है कि बारिश की कमी का असर कृषि के साथ-साथ पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। यदि तालाब और अन्य जलस्रोत नहीं भरते हैं, तो आगामी महीनों में पीने के पानी का संकट गहरा सकता है। ऐसे में किसान और ग्रामीण अब अच्छी बारिश की उम्मीद कर रहे हैं।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE