मंदसौर। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का प्रथम सत्र शुक्रवार, 29 अगस्त को जनपद पंचायत मंदसौर क्षेत्र में शुरू हुआ। अभियान के तहत कलेक्टर दिव्यांक सिंह ने अधिकारियों के साथ विभिन्न ग्रामों का भ्रमण कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान कलेक्टर ने नगर वन देवडूंगरी, रेवास देवड़ा, नौगावा गुर्जर, हैदरवास, करौली और गुर्जरदा सहित विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया।
बिजली बिलों की शिकायत पर दिए जांच के निर्देश-
हैदरवास में ग्रामीणों ने अधिक राशि के विद्युत बिल आने की शिकायत कलेक्टर के समक्ष रखी। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद विद्युत वितरण कंपनी के इंजीनियर को बिलों की जांच कर ग्रामीणों के हित में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर की तत्परता पर ग्रामीणों ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया। इस दौरान हैदरवास में पौधारोपण भी किया गया। इससे पहले कलेक्टर ने नगर वन देवडूंगरी में भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
ऑयल मिल का किया निरीक्षण-
कलेक्टर ने ग्राम करौली में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के अंतर्गत किसान संदीप पाटीदार द्वारा स्थापित ऑयल मिल का निरीक्षण किया। उन्होंने इकाई की गतिविधियों और योजना से मिले लाभ की जानकारी ली। बताया गया कि शासन की योजना के तहत अनुदान सहायता मिलने से संदीप आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
गौशाला में किया गोपूजन-
ग्राम रेवास देवड़ा में कलेक्टर ने श्रीकृष्ण गौशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने गौवंश की स्थिति का जायजा लिया तथा पशुपालन विभाग द्वारा दी जाने वाली अनुदान सहायता की जानकारी ली। इस दौरान कलेक्टर ने गोपूजन भी किया।
स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी की व्यवस्थाएं जांचीं-
ग्राम नौगांव में कलेक्टर ने शासन के आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही दवाइयों और उपचार सुविधाओं की जानकारी ली। इसके साथ ही गांव के आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
स्कूल में विद्यार्थियों से किया संवाद-
अभियान के दौरान ग्राम गुर्जरदा के हाई स्कूल का भी निरीक्षण किया गया। कलेक्टर ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक स्थिति की जानकारी ली और विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
भ्रमण के दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष बसंत शर्मा, एसडीएम शुभम पाटीदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर नागरिकों की समस्याओं को समझना और उनका मौके पर यथासंभव समाधान सुनिश्चित करना रहा।