रतलाम। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत शनिवार को अलकापुरी स्थित कम्युनिटी हॉल (अटल सभागृह) में मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर आयोजित किया गया। शिविर में जनसंवाद के माध्यम से नागरिकों की समस्याएं सुनी गईं और संबंधित अधिकारियों द्वारा उनके निराकरण की कार्रवाई की गई। शिविर का उद्देश्य आमजन को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सहज और सरल तरीके से उपलब्ध कराना रहा।
शिविर में नगर निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा, विकास प्राधिकरण अध्यक्ष मनोहर पोरवाल, एल्डरमैन प्रभु नेका, डीआईजी निमिष अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, रतलाम शहर आयुक्त अनिल भाना, रतलाम शहर एसडीएम तरुण जैन सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, नागरिक एवं पत्रकार मौजूद रहे।
जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं का समाधान प्राथमिकता-
नगर निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा ने कहा कि अंतिम व्यक्ति और प्रत्येक पात्र हितग्राही तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। शिविरों के माध्यम से आमजन के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनी जा रही हैं और उनके निराकरण की कार्रवाई की जा रही है।
विकास प्राधिकरण अध्यक्ष मनोहर पोरवाल ने कहा कि सरकार जनता के बीच पहुंचकर जनता के लिए कार्य कर रही है। आम नागरिकों के कार्य आसानी से और समय पर हो सकें, इसके लिए ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने शिविर को शासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत करने की प्रभावी पहल बताया।
युवा उद्यमियों ने साझा किए अनुभव-
शिविर में युवा उद्यमी संवाद भी आयोजित किया गया। इसमें यशराज राठौर, रोहित मालपानी, अर्चित पोरवाल, शैलेंद्र टंडन, कुलदीप भाटी एवं शांतिलाल ने अपने अनुभव साझा किए।
उद्यमियों ने बताया कि उद्योग विभाग के माध्यम से उपलब्ध ऋण एवं अन्य योजनाएं युवाओं को व्यवसाय और उद्योग स्थापित करने में सहायता प्रदान कर रही हैं। उन्होंने युवाओं से शासन की योजनाओं का लाभ लेकर उद्योग एवं स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया।
मंच से मिला योजनाओं का सीधा लाभ-
शिविर के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के लाभार्थियों को मंच से चेक एवं स्वीकृति पत्र प्रदान किए। इनमें पीएम स्वनिधि योजना, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन सहित अन्य योजनाओं के हितग्राही शामिल रहे।
शिविर में नागरिकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई की गई। जनसंवाद के दौरान प्राप्त समस्याओं को संबंधित विभागों के अधिकारियों को सौंपते हुए उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए।