मोरवन। क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करीब 1 करोड़ 59 लाख रुपए की लागत से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ लोकार्पण के दो माह से अधिक समय बाद भी शुरू नहीं हो सका है। स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य द्वार पर अब भी ताला लगा हुआ है। इससे स्थानीय ग्रामीणों और आमजन में नाराजगी एवं निराशा है।
विकास पर्व में हुआ था शुभारंभ-
उल्लेखनीय है कि क्षेत्रीय विधायक ओमप्रकाश सकलेचा द्वारा 20 एवं 21 जून को आयोजित ‘विकास पर्व’ कार्यक्रम के दौरान नवनिर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का शुभारंभ किया गया था। उस समय इसे क्षेत्र के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में बड़ी सौगात बताया गया था। हालांकि, लोकार्पण के बाद भी केंद्र का संचालन शुरू नहीं होने से ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
भवन तैयार, सुविधाओं का इंतजार-
ग्रामीणों का कहना है कि लोकार्पण के दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद स्वास्थ्य केंद्र में नियमित चिकित्सा सेवाएं शुरू नहीं हुई हैं। ग्रामीणों के अनुसार परिसर में धूल जमा है तथा आवश्यक चिकित्सकीय उपकरण, दवाइयां और स्टाफ की व्यवस्था भी अभी तक नहीं हो सकी है। उनका आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिए जाने के कारण करोड़ों रुपए की लागत से तैयार भवन उपयोग में नहीं आ पा रहा है।
गरीब मरीजों को उठानी पड़ रही परेशानी-
स्वास्थ्य केंद्र शुरू नहीं होने से क्षेत्र के मरीजों को उपचार के लिए दूर-दराज के शहरों अथवा निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ रहा है। आपात स्थिति में समय पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध नहीं होने से परेशानी और बढ़ जाती है।
शुरू होने पर मिलेंगी कई सुविधाएं-
स्वास्थ्य केंद्र के संचालन के बाद यहां 30 बेड की सुविधा, डॉक्टर से परामर्श, जांच एवं निशुल्क दवा वितरण जैसी सेवाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है। इसके अलावा प्रसूति कक्ष, पैथोलॉजी जांच तथा आपातकालीन प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं। केंद्र में डॉक्टर, नर्सिंग एवं अन्य सहायक स्टाफ की नियुक्ति होने से क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
ग्रामीणों ने शीघ्र संचालन की मांग की-
क्षेत्र के ग्रामीणों एवं जागरूक नागरिकों ने शासन एवं प्रशासन से स्वास्थ्य केंद्र को जल्द से जल्द शुरू करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि भवन का लोकार्पण होने के बाद अब आवश्यक संसाधन, चिकित्सकीय उपकरण एवं स्टाफ की व्यवस्था कर नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रारंभ की जानी चाहिए, ताकि क्षेत्र की जनता को इस सुविधा का वास्तविक लाभ मिल सके।