भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर बड़ा बयान देते हुए प्रदेश की राजनीति में सरगर्मी बढ़ा दी है। ‘आज़ादी-उलेमा की कुर्बानी’ कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में उन्होंने राज्य सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए। सिंघार ने स्पष्ट कहा कि बहुमत के दम पर विधानसभा में इस “काले कानून” को पास कराया गया है और 2028 में कांग्रेस की सरकार बनते ही इसे तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया जाएगा।
‘हवाई सर्वे बंद करे सरकार, बाढ़ पीड़ितों को दे तुरंत राहत पैकेज’
समान नागरिक संहिता के अलावा नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश के सतना और रीवा में आई भीषण बाढ़ की स्थिति पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ की वजह से सैकड़ों परिवार बेघर हो चुके हैं और उनके पास खाने-पीने तक का सामान नहीं बचा है। सरकार को महज ‘हवाई सर्वे’ का नाटक बंद करके बाढ़ प्रभावितों को तुरंत आर्थिक मदद और ठोस राहत पैकेज उपलब्ध कराना चाहिए।
बीजेपी कार्यसमिति और राहुल गांधी के इंदौर दौरे पर साधा निशाना
बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति बैठक को लेकर हमला बोलते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि हेमंत खंडेलवाल को अध्यक्ष बने एक साल से अधिक का समय हो गया, लेकिन पहली कार्यसमिति बैठक अब बुलाई जा रही है। यह सीधे तौर पर उनकी नेतृत्व क्षमता की नाकामी को दर्शाता है।
उन्होंने आगे कहा कि मध्य प्रदेश का युवा अपनी मांगों और रोजगार को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर है। इसी युवाओं की आवाज को बुलंद करने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी 12 सितंबर को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। अगर सरकार वाकई युवा हितैषी है, तो उसे युवाओं की मांगें मानकर उन्हें रोजगार देना चाहिए।