सतना। सतना भारी बारिश के बाद चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर करीब 30 फीट बढ़ गया। इससे रामघाट का बड़ा पुल बह गया। बाढ़ के कारण रामधाम सहित कई इलाकों में घरों और दुकानों में पानी भर गया। रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से आरोग्यधाम चित्रकूट हेलीपैड पहुंचे। इसके बाद वे प्राचीन मुखार बिन्द के पास स्थित आश्रय स्थल पहुंचे। यहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।
दुकानदारों को हुए नुकसान की जानकारी ली
मुख्यमंत्री ने रामधाम मोहल्ले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने रामफल गर्ग और किस्मत कुमार गर्ग के घर जाकर बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
इसके बाद मुख्यमंत्री सतना-चित्रकूट मार्ग पर सियाराम कुटीर स्थित माधव धर्मशाला के पास अग्रहरि किराना स्टोर पहुंचे। यहां उन्होंने दुकानदार कामता प्रसाद गुप्ता से मुलाकात की और दुकान में पानी भरने से हुए नुकसान की जानकारी ली।
बाढ़ की स्थिति के लिए अतिक्रमण को भी बताया कारण
मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में बाढ़ की स्थिति के लिए अतिक्रमण को भी एक प्रमुख कारण बताया। उन्होंने अधिकारियों को अतिक्रमण से जुड़े रिकॉर्ड मंगाने और जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित लोगों का जीवन सामान्य करने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की जाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राहत और बचाव कार्यों की जानकारी भी ली।
उन्होंने प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पेयजल और चिकित्सा सहित जरूरी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही राहत कार्यों में किसी तरह की कमी नहीं रखने और प्रभावित परिवारों की मदद संवेदनशीलता के साथ करने को कहा।
दो दिन बारिश के बाद बाढ़ की स्थित बनी
प्रशासन के अनुसार, शुक्रवार रात और शनिवार सुबह अतिवृष्टि के कारण सेमरावल और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बनी। बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
इस दौरान विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार, विंध्य विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संजय तीर्थवानी, नगर परिषद अध्यक्ष साधना पटेल, डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।