नीमच। तेज धूप, बादल और बारिश के बीच तापमान में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर अब लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। बदलते मौसम के साथ मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। नीमच जिला अस्पताल की ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं।
इन दिनों सर्दी-खांसी, वायरल फीवर, गले में संक्रमण, दस्त और पेट दर्द जैसी शिकायतों के साथ बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, मौसमी बीमारियों से संबंधित 250 से अधिक मरीज प्रतिदिन ओपीडी में पहुंच रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी आयु वर्ग के लोग इन बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
तापमान में बदलाव से बढ़ रहा संक्रमण का खतरा-
सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र पाटील और विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. मनीष यादव के अनुसार, तापमान में तेजी से होने वाले बदलाव के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। कभी तेज धूप, कभी बादल और बारिश के कारण मौसम में लगातार परिवर्तन हो रहा है। ऐसे में शरीर को बदलते तापमान के अनुरूप ढलने में समय लगता है, जिससे वायरल संक्रमण और अन्य मौसमी बीमारियों की संभावना बढ़ सकती है।
चिकित्सकों ने सावधानी बरतने की दी सलाह-
चिकित्सकों ने लोगों से स्वच्छ पानी का सेवन करने और संभव हो तो पानी उबालकर पीने की सलाह दी है। इसके साथ ही ताजा भोजन करने, मच्छरों से बचाव रखने और मौसम के अनुरूप कपड़े पहनने की अपील की गई है।
डॉक्टरों ने यह भी सलाह दी है कि यदि दो-तीन दिन तक बुखार बना रहता है तो बिना देरी किए चिकित्सकीय परामर्श लिया जाए। उन्होंने लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने से बचने की भी सलाह दी है।
मौसम में बदलाव जहां लोगों को बारिश और गर्मी से राहत की उम्मीद दे रहा है, वहीं स्वास्थ्य के लिहाज से भी सतर्क रहने की जरूरत बढ़ गई है। चिकित्सकों ने विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखने तथा बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय पर उपचार लेने की अपील की है।