झाबुआ। कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार जिले में शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए विभिन्न विकासखंडों में संचालित शैक्षणिक संस्थाओं का जिला स्तर पर गठित विशेष समितियों द्वारा लगातार सघन एवं औचक निरीक्षण किया जा रहा है, निरीक्षण के दौरान विद्यालयों की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं के साथ विद्यार्थियों के पढ़ने, लिखने एवं गणितीय ज्ञान के स्तर का भी आकलन किया जा रहा है।
‘झाबुआ की आकांक्षा’ ऐप से हो रही डिजिटल मॉनिटरिंग
शैक्षणिक संस्थाओं की प्रभावी निगरानी के लिए ‘झाबुआ की आकांक्षा’ मोबाइल ऐप के माध्यम से निरीक्षण की प्रक्रिया को डिजिटल स्वरूप दिया गया है, ऐप के माध्यम से प्राप्त जानकारी और मैदानी निरीक्षण के आधार पर विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति, शैक्षणिक गतिविधियों तथा विद्यार्थियों के सीखने के स्तर की नियमित समीक्षा की जा रही है।
निरीक्षण अभियान के दौरान अब तक कर्तव्य के प्रति लापरवाही पाए जाने पर विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के 96 शिक्षकों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए है वहीं, गंभीर लापरवाही के मामलों में 02 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
बिना स्वीकृति अनुपस्थित रहने पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
सभी शिक्षकों एवं संस्था प्रमुखों को EHRMS APP पर प्रतिदिन अपनी उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य किया गया है बिना सक्षम स्वीकृति के संस्था से अनुपस्थित पाए जाने वाले शिक्षक एवं कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी साथ ही EHRMS APP पर उपस्थिति दर्ज नहीं करने वालों को अनुपस्थित मानते हुए नियमानुसार वेतन कटौती सहित अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के निर्देशानुसार शैक्षणिक गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा निरीक्षण अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा, जिले के जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना इस अभियान की प्राथमिकता है सभी शिक्षकों एवं संस्था प्रमुखों से पूरी निष्ठा, नियमितता एवं समयबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।