मंदसौर। जिला कौशल समिति की बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में कलेक्टर श्री दिव्यांक सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में कलेक्टर ने आईटीआई प्राचार्य को निर्देश दिए कि युवाओं को स्थानीय एवं अन्य उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण देकर कुशल बनाया जाए, ताकि उन्हें बेहतर रोजगार और प्लेसमेंट के अवसर मिल सकें।
कलेक्टर ने कहा कि आईटीआई को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपना विजन विकसित करना चाहिए। उन्होंने सोलर टेक्नोलॉजी के बढ़ते विस्तार को देखते हुए युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। आईटीआई प्राचार्य ने बताया कि सोलर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अब तक 131 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को कहां और किस स्थिति में रोजगार मिला है, इसकी जानकारी नियमित रूप से जुटाई जाए। इससे भविष्य की प्रशिक्षण एवं रोजगार योजनाएं तैयार करने में मदद मिलेगी। उन्होंने स्थानीय उद्योगों में रोजगार की संभावनाएं तलाशने और उद्योगों से निरंतर संवाद बनाए रखने पर भी जोर दिया।
आईटीआई के एक्शन प्लान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि कार्ययोजना में प्रत्येक बिंदु स्पष्ट हो, विभागवार जिम्मेदारी तय की जाए और सभी कार्यों के लिए समयसीमा निर्धारित की जाए। साथ ही जिला कौशल प्लान को भी समयबद्ध तरीके से तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने युवाओं के प्रशिक्षण और रोजगार के लिए उद्योग एवं रोजगार से जुड़े विभागों तथा जिले के स्थानीय उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अनुकूल जैन, आईटीआई प्राचार्य श्री राहुल गौड़ सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।