मंदसौर। राज्य आपदा प्राधिकरण भोपाल के निर्देशों के तहत भारत सरकार की आपदा मित्र योजना के अंतर्गत सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ स्थानीय कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में जिला आपदा प्राधिकरण मंदसौर द्वारा किया गया। कार्यक्रम के प्रथम दिवस आपदा मित्र योजना में शामिल प्रतिभागियों के पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की गई।
इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ वीरेंद्र सिंह जादौन ने आपदा मित्र योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूरे मध्यप्रदेश में 35 हजार आपदा मित्र तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें मंदसौर जिले के लिए 500 आपदा मित्रों का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद आपदा मित्रों की सेवाओं का उपयोग सिंहस्थ-2028 के दौरान भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और घाट सुरक्षा सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में किया जाना प्रस्तावित है।
आपदा के समय प्रशासन के सहयोगी बनेंगे आपदा मित्र
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आपदा मित्रों के दायित्वों एवं उनकी भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि आपदा मित्र आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासन एवं रेस्क्यू एजेंसियों के महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में कार्य करेंगे।
बाढ़, आग, सड़क दुर्घटना सहित अन्य आपदाओं के दौरान लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने, राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग करने तथा आमजन को आपदा से बचाव के प्रति जागरूक करने में आपदा मित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
व्यावहारिक प्रशिक्षण पर रहेगा जोर-
प्रशिक्षण के आगामी सत्रों में आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, खोज एवं बचाव, अग्नि सुरक्षा और जल बचाव सहित विभिन्न विषयों पर प्रतिभागियों को सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि आपदा के समय स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित और तत्पर स्वयंसेवकों की उपलब्धता से राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। योजना का उद्देश्य आमजन में आपदा प्रबंधन की क्षमता विकसित करने के साथ ही आवश्यकता के समय प्रशासन को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में जिला सेनानी होमगार्ड वीरेंद्र सिंह जादौन के मार्गदर्शन में कंपनी कमांडर रब्बी काजी, संदीप भंवर, सिविल डिफेंस जिला वार्डन अधिकारी डॉ. हिमांशु यजुर्वेदी, कैप्टन विजय सिंह पुरावत, फायर ऑफिसर सिविल डिफेंस आदित्य डोडिया सहित संबंधित अधिकारी एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।