चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ़ के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव योगिता पारीक ने उपकारागृह, कपासन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए बंदियों से संवाद कर उन्हें उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने रसोईघर, बैरक, शौचालय एवं स्नानागार का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बंदियों से बातचीत कर भोजन, रहने की व्यवस्था तथा अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
सचिव ने बंदियों को जेल में संचालित प्रिजन लीगल एड क्लीनिक के बारे में जानकारी दी। उन्होंने क्लीनिक के रजिस्टर की जांच की, जो समुचित पाया गया। साथ ही बंदियों को बताया गया कि जरूरत पड़ने पर वे विधिक सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं और पात्र बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
योगिता पारीक ने प्रत्येक बंदी से जेल में निरुद्ध होने के कारण तथा उनकी ओर से किसी अधिवक्ता द्वारा पैरवी किए जाने की जानकारी ली। जिन बंदियों को विधिक सहायता की आवश्यकता है, उन्हें विधिक सहायता आवेदन पत्र भरने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि किसी भी वर्ग के जरूरतमंद बंदी को न्याय प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान जेलर रामनरेश यादव सहित उपकारागृह के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।