चित्तौड़गढ़। आगामी नगर निकाय एवं पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव के दौरान प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रकाशित एवं प्रसारित होने वाली चुनाव संबंधी सामग्री पर प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। राजनीतिक दलों अथवा प्रत्याशियों के पक्ष में विज्ञापन के रूप में प्रकाशित या प्रसारित सामग्री को समाचार का स्वरूप देने के मामलों की निगरानी के लिए राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान के निर्देश पर जिला स्तर पर मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी (एमएमसी) का गठन किया गया है।
जिला कलेक्टर होंगे समिति के अध्यक्ष-
जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी के अध्यक्ष जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं जिला कलेक्टर होंगे। अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) को समिति का सदस्य तथा जिला जनसंपर्क अधिकारी को सदस्य सचिव बनाया गया है। समिति चुनाव के दौरान मीडिया में प्रकाशित एवं प्रसारित चुनाव संबंधी सामग्री की निगरानी करेगी।
संदिग्ध पेड न्यूज पर प्रत्याशी को नोटिस-
यदि किसी समाचार को संदिग्ध पेड न्यूज के रूप में चिन्हित किया जाता है तो संबंधित प्रत्याशी को नोटिस जारी किया जाएगा। प्रत्याशी को नोटिस प्राप्त होने के 48 घंटे के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने या जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी मामले पर निर्णय करेगी। पेड न्यूज के रूप में चिन्हित सामग्री पर होने वाले खर्च को संबंधित प्रत्याशी के चुनावी खर्च में जोड़ा जाएगा।
मीडिया प्रकोष्ठ भी करेगा निगरानी-
चुनाव के दौरान जिला स्तर पर मीडिया प्रकोष्ठ भी गठित किया गया है। जिला जनसंपर्क अधिकारी को मीडिया प्रकोष्ठ का नोडल अधिकारी बनाया गया है। यह प्रकोष्ठ प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रकाशित और प्रसारित चुनाव संबंधी सामग्री की नियमित निगरानी करेगा तथा संदिग्ध पेड न्यूज के मामलों की रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजेगा।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान निष्पक्ष एवं पारदर्शी व्यवस्था बनाए रखने के लिए पेड न्यूज से जुड़े मामलों में निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।