बुरहानपुर। बुरहानपुर में मंगलवार को UCC के विरोध में AIMIM ने विरोध दर्ज कराया ,मप्र सरकर ने जो यूनिफार्म सिविल कोड लागू किया है हम उसका पुरजोर तरीके से विरोध करते हैं। यह जो कानून लाया गया है वह हमारे संविधान के अंदर आर्टिकल 25, 26 और 29 काो बायलेट करता है, जो हमको आजादी देता है कि इस मुल्क के अंदर रहकर हम अपने मजहब को अपनी आजादी के साथ इख्तियार कर सकते हैं। करते हैं। यह कानून उस मजहबी आजादी को यह हमने से छीनता है।
यह बात एआईएमआईएम के प्रदेशाध्यक्ष मोहसिन अली खान ने मंगलवार दोपहर 12.30 बजे सिंधी बस्ती स्थित हुसैनी मैरिज हॉल के बाहर किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान कही। एआईएमआईएम प्रदेशाध्यक्ष ने कहा 1447 सालों से मुसलमान जिस मजहब पर चलते आ रहे हैं, जिस मजहब पर चलते हैं। जिंदगी गुजारते हैं, उसे संविधान ने 26 जनवरी 1950 को हमें हुकुककी इखितयार दिया है। हम यूसीसी कानून का विरोध करते हैं। हमारे मौलिक अधिकारों से ऊपर यह कानून नहीं है। उन्होंने कहा मोहन सरकार को विचार करना चाहिए। हम आखिरी दम तक इसके खिलाफ लड़ेंगे। अगर कानून वापस नहीं लिया गया तो मप्र में एक सैलाब आएगा।
उन्होंने कहा कि मोहन सरकार से अपील करते हैं कि वह संविधान में दी गई मजहबी आजादी को बरकरार रखने में हमारा साथ दें। इस दौरान काफी संख्या में एआईएमआईएम के कार्यकर्ता, पदाधिकारी हाथों में यूसीसी का विरोध करने वाली तख्तियां लेकर नारेबाजी करते नजर आए। एआईएमआईएम कार्यकर्ताओं को सिंधी बस्ती मैरिज हॉल के पास विरोध प्रदर्शन और यहां से रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय तक जाने की परमिशन नहीं थी। सीएसपी विनोद सिंह कुशवाह ने उन्हें वहां पहुंचकर समझाइश दी गई। इसके बाद पार्टी की ओर विधिवत परमिशन ली गई। परमिशन के बाद कार्यकर्ता रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे और अफसरों को ज्ञापन सौंपा।