मनासा। डोडाचूरा तस्करी के मामले में विशेष जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार प्रजापत ने आरोपी कुंदन गीर पिता दयाल गीर को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं एक लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
मामले के अनुसार, मनासा पुलिस ने 31 अगस्त 2018 को आरोपी के कब्जे वाली अल्टो कार क्रमांक जीजे-8आर-7051 की तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान कार में रखे दो कट्टों से कुल 53 किलोग्राम डोडाचूरा बरामद किया गया। पुलिस ने मादक पदार्थ जब्त कर आरोपी के खिलाफ एफआईआर क्रमांक 375/18 दर्ज की थी।
चलानी कार्रवाई पूरी होने के बाद प्रकरण का विचारण विशेष न्यायालय (एनडीपीएस), मनासा में हुआ। अभियोजन पक्ष की ओर से महत्वपूर्ण साक्षियों के बयान दर्ज कराए गए तथा प्रकरण से संबंधित दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।
न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं दस्तावेजों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया। इसके बाद न्यायालय ने आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा एक लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।
प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी अधिवक्ता प्रेमसुख पाटीदार ने की।