नीमच। मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल द्वारा 31 अगस्त 2026 को पंचायत उप निर्वाचन वर्ष 2026 (पूर्वार्द्ध) के कार्यक्रम की घोषणा के बाद नीमच जिले में कानून-व्यवस्था एवं सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए जिला मजिस्ट्रेट एवं कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। यह आदेश उप निर्वाचन वाले क्षेत्रों में प्रभावशील रहेगा। आदेश के अनुसार निर्वाचन अवधि के दौरान संबंधित ग्राम पंचायतों एवं वार्डों की राजस्व सीमा में निम्न प्रतिबंध लागू रहेंगे
हथियारों के प्रदर्शन पर रोक-
आग्नेय शस्त्र एवं अन्य हथियारों का प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा। इनमें बंदूक, पिस्तौल, रिवॉल्वर सहित अन्य हथियार तथा बल्लम, भाला, खंजर, गुप्ती, फरसा, फालिया, चाकू आदि शामिल हैं। सक्षम अधिकारी द्वारा पूर्व में लाइसेंस जारी किए गए हथियारों पर भी यह आदेश प्रभावशील रहेगा और प्रतिबंधित क्षेत्र में उनका प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा।
बिना अनुमति सभा और रैली नहीं-
निर्वाचन अवधि में किसी राजनीतिक दल, संघ, संगठन, संस्था अथवा व्यक्ति द्वारा सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना सार्वजनिक सभा, वाहन रैली या सामान्य रैली आयोजित नहीं की जा सकेगी। सड़क, शासकीय अथवा अशासकीय स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, मैदान, शैक्षणिक संस्थान या शासकीय कार्यालय परिसर में भी सभा आयोजित करने पर रोक रहेगी। धार्मिक स्थलों जैसे मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा आदि में भी सभा आयोजित नहीं की जा सकेगी।
भड़काऊ भाषण और बिना अनुमति लाउडस्पीकर पर रोक-
कोई भी राजनीतिक दल, संघ, संस्था अथवा व्यक्ति ऐसा भाषण, वक्तव्य या प्रचार नहीं करेगा, जिससे साम्प्रदायिक अथवा अन्य किसी प्रकार से लोक शांति भंग होने की आशंका हो। सभा, वाहन या अन्य स्थान पर लाउडस्पीकर का उपयोग भी सक्षम प्राधिकारी की लिखित अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा।
होटल-लॉज में ठहरने वालों का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य-
जिले के होटल, लॉज, धर्मशाला एवं सराय/गेस्ट हाउस में ठहरने वाले व्यक्तियों की जानकारी का रजिस्टर संधारित करना तथा इसकी सूचना संबंधित थाना प्रभारी को देना अनिवार्य होगा।
अनुमति की शर्तों का पालन जरूरी-
सभा, जुलूस या रैली की अनुमति के लिए आवेदन करने से पहले आयोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रस्तावित स्थल अथवा मार्ग के किसी हिस्से में कोई प्रतिबंधात्मक आदेश लागू तो नहीं है। अनुमति मिलने के बाद आयोजकों को निर्धारित अवधि, तिथि, स्थान एवं अन्य शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।
निर्वाचन अवधि में संपत्ति विरूपण अधिनियम के प्रावधानों का भी पालन करना होगा। यह प्रावधान निजी एवं सार्वजनिक दोनों संपत्तियों पर लागू होंगे। साथ ही म.प्र. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1984 तथा निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित नियमों, शर्तों एवं निर्देशों का पालन करना अनिवार्य रहेगा।
नाम वापसी के दौरान 100 मीटर की परिधि में प्रवेश प्रतिबंधित-
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार नाम वापसी के दौरान रिटर्निंग अधिकारी/सहायक रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय की 100 मीटर की परिधि में दो से अधिक व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। निर्वाचन अवधि में एक ही स्थान पर चार या चार से अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
उल्लंघन पर होगी कार्रवाई-
आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 188 सहित अन्य लागू विधियों के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकेगी।
सुरक्षा एवं निर्वाचन कार्य में लगे बल रहेंगे मुक्त-
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्वाचन कार्य के लिए नियुक्त सुरक्षाकर्मी, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, पुलिस/विशेष पुलिस अधिकारी तथा अन्य अधिकृत सुरक्षा बल अपने कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान इस आदेश से अप्रभावित रहेंगे। इसी प्रकार राष्ट्रीयकृत बैंकों, औद्योगिक संस्थानों, कार्यालयों आदि की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा बल/कर्मी तथा सक्षम प्राधिकारी से अनुमति प्राप्त सुरक्षा व्यवस्था पर भी यह आदेश लागू नहीं होगा। जिला मजिस्ट्रेट ने यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अंतर्गत एकपक्षीय रूप से जारी किया है।