नीमच। सांदीपनि विद्यालय, नीमच कैंट में बुधवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षाेल्लास, उत्साह और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय का वातावरण पूरी तरह कृष्णमय नजर आया। नन्हे-मुन्ने विद्यार्थी राधा-कृष्ण सहित विभिन्न धार्मिक एवं महापुरुषों की आकर्षक वेशभूषा में विद्यालय पहुंचे, जिससे पूरा परिसर वृंदावन की छटा बिखेरता दिखाई दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य महेश शर्मा, उप प्राचार्य विशाल सोनी एवं प्राथमिक प्रधानाध्यापक मंजुला धीर ने भगवान श्रीकृष्ण के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद विद्यार्थियों का स्वागत किया गया।
जन्माष्टमी के अवसर पर कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए मटकी फोड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों ने उत्साह और उमंग के साथ भाग लिया। वहीं फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में बच्चे राधा-कृष्ण के साथ सुदामा, अर्जुन एवं अन्य महापुरुषों की वेशभूषा में नजर आए। एक बालिका ने भगवान जगन्नाथ का रूप धारण कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम में ‘बांसुरी सजाओ’ प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए बांसुरियों को आकर्षक ढंग से सजाया। कुछ विद्यार्थियों ने भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जबकि अन्य बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं उनके आदर्शों पर अपने विचार व्यक्त किए।
इस दौरान विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। राधा-कृष्ण की वेशभूषा में सजे बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को आनंदमय बना दिया।
प्राचार्य महेश शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि योगीराज श्रीकृष्ण के जीवन की यात्रा हमें संघर्ष, बाल-क्रीड़ा, मित्रता, प्रेम, सहयोग, योग, सत्य और धर्म का संदेश देती है। कारागार में जन्म से लेकर द्वारिका तक की उनकी जीवन यात्रा तथा कुरुक्षेत्र में दिया गया गीता का ज्ञान आज भी मानव जीवन को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में उत्साह का संचार होता है और वे महापुरुषों की जीवन गाथाओं से प्रेरणा लेते हैं।
कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ शिक्षक अनिल शर्मा ने किया। विद्यालय परिवार द्वारा आयोजित जन्माष्टमी समारोह भक्ति, संस्कृति, रचनात्मकता और आनंद का सुंदर संगम रहा।