नीमच। भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), नीमच द्वारा जिले के ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न व्यावसायिक एवं कृषि आधारित निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से अभ्यर्थियों को कौशल विकास के साथ स्वरोजगार स्थापित करने, बैंक ऋण एवं संबंधित शासकीय योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।
आरसेटी द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 31 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण महिलाओं के लिए 7 सितंबर 2026 से, 35 दिवसीय ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण 9 सितंबर से, 13 दिवसीय जैविक एवं औषधीय कृषि प्रशिक्षण 11 सितंबर से, 10 दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण 15 सितंबर से तथा 12 दिवसीय डेयरी एवं पशुपालन प्रशिक्षण 17 सितंबर 2026 से शुरू होगा।
इन सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नीमच जिले के ग्रामीण क्षेत्र के 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के युवक-युवतियां एवं महिलाएं पात्र होंगे। प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क रहेगा। प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रशिक्षणार्थियों के लिए आवास, भोजन एवं नाश्ते की व्यवस्था भी निःशुल्क रहेगी। प्रवेश पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा।
विशेषज्ञ देंगे व्यावहारिक प्रशिक्षण-
प्रशिक्षण के दौरान संबंधित क्षेत्रों के अनुभवी वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। कृषि, बागवानी, पशु चिकित्सा एवं अन्य संबंधित विभागों के विशेषज्ञ प्रशिक्षणार्थियों को विषय से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी देंगे। साथ ही बैंक ऋण एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रशिक्षणार्थियों के ऋण संबंधी आवेदन प्रपत्र भी प्रशिक्षण केंद्र पर भरवाए जाएंगे। इसके अलावा बैंकिंग से संबंधित समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया जाएगा।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज-
इच्छुक अभ्यर्थियों को 4 पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, राशन कार्ड एवं अंकसूची की छायाप्रतियों के 3 सेट के साथ आवेदन करना होगा।
आवेदन आरसेटी प्रशिक्षण केंद्र, हवाई पट्टी के सामने, विश्राम भवन के पास, चीताखेड़ा मेन रोड, नीमच में जमा किए जा सकते हैं।
अधिक जानकारी एवं पंजीयन के लिए सुबह 10:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक मोबाइल नंबर 9111053516, 9074201015, 9009684125 एवं 7898187819 पर संपर्क किया जा सकता है। आरसेटी कार्यालय का दूरभाष 07423-224522 तथा ई-मेल [email protected] है।
आरसेटी द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के इच्छुक युवक-युवतियों एवं महिलाओं से इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अधिक से अधिक लाभ उठाकर कौशल विकास के माध्यम से स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की गई है।