नीमच। ग्रुप केंद्र सीआरपीएफ नीमच परिसर में मध्यप्रदेश सेक्टर, सीआरपीएफ भोपाल के अधीनस्थ प्रशासनिक एवं परिचालनिक बटालियनों तथा कार्यालयों के बीच आयोजित तीन दिवसीय क्रॉस कंट्री दौड़ प्रतियोगिता का गुरुवार को समापन हुआ। प्रतियोगिता का शुभारंभ 1 सितंबर को हुआ था। इसमें विभिन्न इकाइयों के जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी शारीरिक क्षमता, सहनशक्ति, अनुशासन और खेल भावना का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में ग्रुप केंद्र नीमच, भोपाल एवं ग्वालियर के साथ 01, 07, 41, 102, 123 एवं 148 बटालियन, 107 द्रुत कार्य बल तथा 4 सिग्नल बटालियन के जवानों ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य कार्मिकों में शारीरिक स्फूर्ति, मानसिक दृढ़ता, सहनशक्ति और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा देना था।
क्रॉस कंट्री दौड़ में 01 बटालियन के उप निरीक्षक अंकित ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। 41 बटालियन के सिपाही/जीडी सुनीत कुमार राजपूत द्वितीय तथा इसी बटालियन के सिपाही/जीडी शिवम यादव तृतीय स्थान पर रहे। टीम स्पर्धा में 41 बटालियन ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि 01 बटालियन दूसरे स्थान पर रही।
समापन समारोह में ग्रुप केंद्र सीआरपीएफ नीमच के उप महानिरीक्षक सुरेन्द्र कुमार के मार्गदर्शन में संयुक्त अस्पताल नीमच की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संसृति शर्मा ने विजेता प्रतिभागियों को पदक एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर डॉ. संसृति शर्मा ने कहा कि सीआरपीएफ की कार्यप्रणाली में तकनीकी दक्षता के साथ शारीरिक स्फूर्ति, मानसिक दृढ़ता और उत्कृष्ट फिटनेस का विशेष महत्व है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं जवानों की तत्परता और टीम भावना को मजबूत करने के साथ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को भी बढ़ावा देती हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बल की विभिन्न इकाइयों के बीच आपसी समन्वय, सहयोग और सौहार्द को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ग्रुप केंद्र सीआरपीएफ नीमच द्वारा भविष्य में भी कार्मिकों की शारीरिक एवं मानसिक दक्षता को बढ़ावा देने के लिए खेल और फिटनेस आधारित आयोजनों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
समापन समारोह में अमर सिंह चौहान, द्वितीय कमान अधिकारी, 01 बटालियन, राजेन्द्र प्रसाद रेगर, उप कमांडेंट, 4 सिग्नल बटालियन, दुष्यंत गोस्वामी, सहायक कमांडेंट, ग्रुप केंद्र नीमच तथा सीमा सिंह, सहायक कमांडेंट, 01 बटालियन सहित अधीनस्थ अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे। अधिकारियों एवं जवानों ने प्रतिभागी धावकों का उत्साहवर्धन किया।