भोपाल। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) द्वारा आयोजित की जा रही शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के आवेदनों की आज अंतिम तारीख है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत 1998 से 2009 के बीच नियुक्त प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के सेवारत शिक्षकों के लिए यह परीक्षा अनिवार्य की गई है, लेकिन शिक्षक संगठनों के कड़े विरोध और बहिष्कार की अपील के चलते शिक्षकों ने फॉर्म भरने में कोई खास रुचि नहीं दिखाई है।
प्रदेश में इस परीक्षा के दायरे में लगभग ढाई लाख शिक्षक आ रहे हैं, लेकिन अब तक मात्र ढाई हजार (2,575) शिक्षकों ने ही आवेदन किया है। शिक्षकों के बेहद ठंडे रुझान और कम आवेदनों को देखते हुए माना जा रहा है कि ESB आज आवेदन की समय-सीमा बढ़ा सकता है।
शिक्षक संगठनों का विरोध और मांगें
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों ने इस परीक्षा प्रक्रिया और भारी-भरकम फीस (1,000 रुपये प्रति प्रश्न-पत्र) का विरोध किया है। सूची जारी करने की मांग: शिक्षक संगठनों का कहना है कि विभाग को पहले उन शिक्षकों की स्पष्ट नामवार सूची जारी करनी चाहिए जो इस परीक्षा के दायरे में आते हैं। आवेदन न करने की अपील: संगठनों ने शिक्षकों से फिलहाल फॉर्म न भरने का आह्वान किया है। उनका तर्क है कि जब सुप्रीम कोर्ट का आदेश विभाग के लिए है, तो सेवारत शिक्षकों पर परीक्षा शुल्क और आवेदन की अनिवार्यता थोपना अनुचित है।
31 अगस्त 2028 तक परीक्षा पास करना अनिवार्य
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार 1998 से 2009 के बीच नियुक्त सेवारत शिक्षकों को अपनी सेवा में बने रहने के लिए 31 अगस्त 2028 तक यह पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। आवेदन की तिथियां: ESB ने 21 अगस्त से 4 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए थे। संशोधन की अवधि: अभ्यर्थी 9 सितंबर तक अपने आवेदनों में संशोधन कर सकेंगे। परीक्षा तिथि: प्रस्तावित शेड्यूल के मुताबिक परीक्षाएं 12 अक्टूबर से आयोजित की जानी हैं।