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September 4, 2026, 3:16 pm
NEWS : मोबाइल को हैकिंग और बॉटनेट मालवेयर से बचाने के लिए राजस्थान पुलिस की एडवाइजरी, साइबर ठगों के फिशिंग लिंक से रहें सावधान, ‘eScan CERT-In Bot Removal App’ के इस्तेमाल की अपील, पढ़े रेखा खाबिया की खबर

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जयपुर। साइबर अपराधों की रोकथाम और आमजन को ऑनलाइन ठगी से सुरक्षित रखने के लिए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने साइबर ठगों द्वारा भेजे जाने वाले फिशिंग लिंक से सावधान रहने और मोबाइल को बॉटनेट मालवेयर सहित अन्य साइबर खतरों से सुरक्षित रखने के लिए ‘eScan CERT-In Bot Removal App’ का उपयोग करने की अपील की है।

महानिदेशक पुलिस राजस्थान राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार साइबर क्राइम शाखा द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि साइबर ठग फिशिंग लिंक के जरिए मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य उपकरणों में बॉटनेट मालवेयर संक्रमित कर सकते हैं। इसके बाद निजी जानकारी, एप्लीकेशन और बैंकिंग संबंधी संवेदनशील विवरण तक अनधिकृत पहुंच बनाकर यूजरनेम, पासवर्ड सहित महत्वपूर्ण जानकारी चोरी की जा सकती है।

मालवेयर की पहचान और हटाने में मदद

पुलिस के अनुसार भारत सरकार के भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सहयोग से एंड्रॉयड उपयोगकर्ताओं के लिए ‘eScan CERT-In Bot Removal App’ विकसित किया गया है। यह एप मोबाइल में मौजूद बॉट, मालवेयर, ट्रोजन और अन्य साइबर खतरों की पहचान कर उन्हें हटाने में मदद करता है।

एप मोबाइल में वायरस, स्पाइवेयर, एडवेयर और बॉटनेट संक्रमण की जांच करने के साथ एप्लीकेशन को दी गई संवेदनशील अनुमतियों पर भी नजर रखने में मदद करता है। खतरा पाए जाने पर संदिग्ध या खतरनाक एप को हटाने अथवा अलग रखने का विकल्प भी उपलब्ध है।

ऐसे करें एप का इस्तेमाल
गूगल प्ले स्टोर से ‘eScan CERT-In Bot Removal App’ इंस्टॉल करें।
आवश्यक अनुमतियां देने के बाद एप खोलें।
एंटीवायरस विकल्प में जाकर Full Scan शुरू करें।
वायरस या खतरनाक फाइल मिलने पर उसे हटाएं या अलग रखें।
जांच पूरी होने के बाद मोबाइल को रीस्टार्ट करें।
मोबाइल सुरक्षित रखने के लिए बरतें सावधानी
व्हाट्सऐप में Two-Step Verification हमेशा सक्रिय रखें।
एप केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से डाउनलोड करें।
अज्ञात वेबसाइट या स्रोत से APK फाइल डाउनलोड कर इंस्टॉल न करें।
एप इंस्टॉल करते समय केवल जरूरी अनुमतियां ही दें।
मोबाइल में विश्वसनीय एंटीवायरस सुरक्षा सक्रिय रखें।
ऑपरेटिंग सिस्टम और एप्लीकेशन को नियमित रूप से अपडेट करते रहें।
बैंक खाते और डिजिटल भुगतान से जुड़े संदेशों व लेन-देन पर नजर रखें।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत

पुलिस ने अपील की है कि साइबर ठगी का प्रयास होने या ठगी की घटना सामने आने पर बिना देरी 1930 साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें। इसके अलावा नजदीकी पुलिस थाने या साइबर पुलिस थाने में शिकायत की जा सकती है। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

साइबर हेल्पलाइन 1930 के साथ साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 पर भी सूचना देने की अपील की गई है।

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