नीमच। महिला एवं बाल विकास विभाग, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार जिले के सभी 1112 आंगनवाड़ी केंद्रों पर शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रमों में बच्चों के साथ अभिभावकों और महिलाओं ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
जन्माष्टमी के अवसर पर आंगनवाड़ी केंद्रों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। नन्हे-मुन्ने बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण और राधा की वेशभूषा में सजाया गया। बच्चों ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कई केंद्रों पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता और नृत्य कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
बच्चों और माताओं को पौष्टिक आहार-
कार्यक्रम के दौरान 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को विशेष पोषण आहार एवं पोषण प्रसादी वितरित की गई। खीर, पूड़ी-सब्जी सहित पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया गया। जनसहयोग से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को पौष्टिक लड्डू भी वितरित किए गए।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, बाल स्वरूप और बाल लीलाओं से जुड़े प्रसंगों की जानकारी दी। साथ ही महिलाओं और अभिभावकों को जन्माष्टमी पर्व के महत्व तथा बच्चों के समुचित पोषण के प्रति जागरूक किया गया।
संस्कृति के साथ पोषण का संदेश-
जन्माष्टमी उत्सव का उद्देश्य बच्चों में भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति रुचि विकसित करने के साथ उनकी रचनात्मक एवं सांस्कृतिक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों और माताओं को पोषण के प्रति जागरूक करने का संदेश भी दिया गया। जिलेभर में आयोजित आयोजनों ने बाल विकास, पोषण और संस्कारों के समन्वय को दर्शाया।