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September 5, 2026, 3:58 pm
NEWS : वाई-फाई को भी रखें सुरक्षित, वरना घर तक पहुंच सकता है हैकर, साइबर क्राइम शाखा की एडवाइजरी-डिफॉल्ट पासवर्ड बदलें, WPA3/WPA2 एन्क्रिप्शन अपनाएं; WPS और रिमोट मैनेजमेंट रखें बंद, पढ़े रेखा खाबिया की खबर

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जयपुर। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन को वाई-फाई नेटवर्क की सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने लोगों से राउटर की सुरक्षा मजबूत रखने और अनधिकृत डिवाइस को नेटवर्क से जुड़ने से रोकने की अपील की है। साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए राजस्थान पुलिस की ओर से लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि आज वाई-फाई केवल इंटरनेट चलाने का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे मोबाइल, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी और अन्य स्मार्ट डिवाइस जुड़े होते हैं। ऐसे में राउटर की सुरक्षा कमजोर होने पर अनधिकृत डिवाइस नेटवर्क से जुड़ सकते हैं। इससे इंटरनेट की गति और डेटा खपत प्रभावित होने के साथ डेटा लीक, साइबर फ्रॉड, हैकिंग और निजी जानकारी की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

पहले जांचें, कहीं अनजान डिवाइस तो नहीं जुड़ा-
पुलिस के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को अपने वाई-फाई नेटवर्क पर अनधिकृत डिवाइस जुड़े होने का संदेह है तो मोबाइल या लैपटॉप को उसी नेटवर्क से कनेक्ट कर राउटर का एडमिन पेज खोला जा सकता है। एडमिन यूजरनेम और पासवर्ड से लॉगिन करने के बाद Connected Devices, Device List या Attached Devices जैसे विकल्पों में नेटवर्क से जुड़े उपकरणों की जानकारी देखी जा सकती है। किसी अनजान डिवाइस की पहचान होने पर उसे नेटवर्क से हटाया जा सकता है।

डिफॉल्ट पासवर्ड तुरंत बदलें-
राउटर की सेटिंग्स में जाकर निर्माता की ओर से दिया गया डिफॉल्ट एडमिन पासवर्ड तुरंत बदलें। राउटर की सेटिंग्स सामान्यतः 192.168.1.1 या 192.168.0.1 जैसे एड्रेस से खोली जा सकती हैं। वाई-फाई पासवर्ड मजबूत रखें और उसमें बड़े-छोटे अक्षर, संख्याएं तथा विशेष चिन्हों का मिश्रण रखें। साथ ही SSID यानी वाई-फाई का नाम ऐसा रखें, जिससे व्यक्तिगत पहचान या राउटर के ब्रांड की आसानी से जानकारी न मिले।

WPA3 अपनाएं, पुराने सुरक्षा मोड से बचें-
साइबर क्राइम शाखा ने वाई-फाई की सुरक्षा के लिए राउटर में WPA3 एन्क्रिप्शन चालू रखने की सलाह दी है। यदि WPA3 उपलब्ध नहीं है तो कम से कम WPA2-AES का उपयोग करें। पुराने WEP या WPA मोड का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी गई है।

WPS और रिमोट मैनेजमेंट रखें बंद-
सुरक्षा मजबूत रखने के लिए राउटर का WPS (Wi-Fi Protected Setup) फीचर बंद रखें। इसी तरह रिमोट मैनेजमेंट को भी डिसेबल रखें, ताकि इंटरनेट के माध्यम से बाहर से कोई व्यक्ति राउटर की सेटिंग्स तक पहुंचने का प्रयास न कर सके।

स्मार्ट टीवी और IoT डिवाइस के लिए अलग नेटवर्क
घर में स्मार्ट टीवी, स्मार्ट उपकरण या अन्य IoT डिवाइस इस्तेमाल करने वाले लोग इन्हें मुख्य वाई-फाई नेटवर्क से अलग रखने के लिए गेस्ट नेटवर्क का उपयोग कर सकते हैं। इससे मुख्य नेटवर्क से जुड़े मोबाइल, लैपटॉप और अन्य महत्वपूर्ण डिवाइस को अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है।

राउटर का फर्मवेयर भी रखें अपडेट-
राउटर के फर्मवेयर को नियमित रूप से अपडेट करते रहें, ताकि निर्माता की ओर से जारी नए सुरक्षा पैच मिलते रहें। सुरक्षा बढ़ाने के लिए विश्वसनीय डिवाइसों के MAC एड्रेस को व्हाइटलिस्ट करने की सुविधा का भी उपयोग किया जा सकता है।

साइबर घटना होने पर तुरंत दें सूचना-
राजस्थान पुलिस ने अपील की है कि वाई-फाई नेटवर्क से छेड़छाड़, साइबर ठगी, हैकिंग या किसी अन्य साइबर अपराध की घटना सामने आने पर बिना देरी किए नजदीकी पुलिस थाने या साइबर पुलिस स्टेशन को सूचना दें।

साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर की जा सकती है। वित्तीय साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर संपर्क करें। राजस्थान पुलिस के साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 पर भी सूचना दी जा सकती है।

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