नीमच। सरकारी योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) से लाभान्वित ग्राम बरूखेड़ा, विकासखंड नीमच की कांता सोलंकी ने खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित कर सफलता की मिसाल कायम की है।
कांता सोलंकी के पास पहले स्वयं का कोई व्यवसाय नहीं था। परिवार को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। इसी दौरान उद्यानिकी विभाग के माध्यम से उन्हें पीएमएफएमई योजना की जानकारी मिली। विभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन में उन्होंने वर्ष 2025-26 में बैंक ऋण के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया।
22.77 लाख के ऋण से शुरू किया उद्यम-
कांता को 22.77 लाख रुपए का बैंक ऋण मिला। इससे उन्होंने ‘मानवीर सर्विसेज’ के नाम से चीया एवं कीनोवा सीड्स की प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की। इकाई में सीड्स की ग्रेडिंग, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग की जाती है। इनके उत्पाद स्थानीय बाजारों के साथ दिल्ली, जयपुर और मुंबई जैसे शहरों में भी पहुंच रहे हैं।
हर माह करीब 1 लाख रुपए की आय-
आज यह इकाई कांता सोलंकी के लिए आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन गई है। वे इससे करीब 1 लाख रुपए प्रतिमाह शुद्ध आय अर्जित कर रही हैं। साथ ही, उन्होंने चार अन्य लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया है।
इकाई स्थापना के लिए उद्यानिकी विभाग की ओर से इकाई लागत का 35 प्रतिशत यानी 7.97 लाख रुपए का अनुदान भी प्रदान किया गया। योजना के सहयोग और विभागीय मार्गदर्शन से परिवार की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है।
कांता सोलंकी ने बताया कि पीएमएफएमई योजना ने उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। उन्होंने योजना के सहयोग के लिए प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया।