भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दुबई दौरे से पहले मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। राज्य सरकार ने 11 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इनमें सचिव और अपर सचिव स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। इसके साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग ने अलग आदेश जारी कर छह राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
नेहा मारव्या की जिम्मेदारी बदली
2011 बैच की आईएएस अधिकारी नेहा मारव्या की भी जिम्मेदारी बदली गई है। वे संचालक, आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं और प्रबंध संचालक, पंचायत अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम का दायित्व संभाल रही थीं। हाल ही में विभाग की एक बैठक में महिला अधिकारियों के साथ अभद्रता के आरोपों को लेकर वे चर्चा में रही थीं। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने पेन डाउन हड़ताल भी की थी और मुख्य सचिव से शिकायत की गई थी।
अब सरकार ने उन्हें प्रबंध संचालक, अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम की जिम्मेदारी सौंपी है।
कुमार पुरुषोत्तम को अतिरिक्त प्रभार
मुख्यमंत्री सचिवालय में अपर सचिव और राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें आयुक्त, उद्योग और प्रबंध संचालक, लघु उद्योग निगम का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
वहीं, लोक सेवा आयोग इंदौर की सचिव शीतल पटले को आगामी आदेश तक श्रम आयुक्त, इंदौर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग में भी बदलाव
महिला एवं बाल विकास विभाग में भी अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता को ओएसडी, शहर राजस्व आयुक्त के साथ आयुक्त, भू-अभिलेख का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
इसी तरह ओएसडी सह श्रम आयुक्त संदीप जीआर को ओएसडी सह आयुक्त, महिला एवं बाल विकास बनाया गया है। उन्हें मिशन संचालक, अटल बिहारी वाजपेयी बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन का दायित्व भी सौंपा गया है।
राजस्व विभाग में भी फेरबदल
प्रमुख राजस्व आयुक्त अनुभा श्रीवास्तव को सचिव, राजस्व विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं आयुक्त सह संचालक, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण सतेंद्र सिंह को सचिव, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का दायित्व सौंपा गया है।
छह SAS अधिकारियों की भी नई पोस्टिंग
आईएएस अधिकारियों के तबादलों के साथ ही छह राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इनमें जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) और सिंहस्थ उज्जैन के अपर मेला अधिकारी के पद शामिल हैं।
प्रशासनिक स्तर पर हुए इन बदलावों को आगामी सिंहस्थ की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिला पंचायतों में CEO स्तर पर बदलाव के बाद संबंधित जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का नया बंटवारा होगा।